अगर ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर्ड है तो बीमा क्लेम मिलेगा या नहीं? जानें कोर्ट ने क्या कहा और क्या हैं नियम

क्या आपका ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है और आपने अभी तक उसे रिन्यू नहीं कराया है, तो सुप्रीम कोर्ट के एक नए फैसले के बाद आपको ये लापरवाही लाखों रुपये की पड़ सकती है.

licensece

एक्सपायर्ड ड्राइविंग लाइसेंस है तो बीमा क्लेम मिलेगा या नहीं? जानें कोर्ट ने क्या कहा और क्या हैं नियम.

अगर आप ड्राइविंग लाइसेंस की एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं देते और बिना रिन्यू कराए ही गाड़ी चला रहे हैं तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुआ साफ किया है कि सड़क हादसे के के समय अगर चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार नहीं होगी.

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर दुर्घटना के समय ड्राइवर का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था और उसे समय पर रिन्यू नहीं कराया गया था तो इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देने की जिम्मेदार नहीं होगी. ऐसे मामलों में वाहन मालिक और चालक को खुद मुआवजे का भुगतान करना पड़ सकता है.

विज्ञापन

किस मामले में आया यह फैसला?

ये फैसला साल 2009 में हुए एक सड़क हादसे से जुड़े मामले की सुनवाई में आया. इस मामले में ओमप्रकाश नाम के व्यक्ति के चलाए जा रहे वाहन ने एक टू व्हीलर को टक्कर मार दी थी. इस हादसे के समय चालक का ड्राइविंग लाइसेंस काफी पहले ही एक्सपायर हो चुका था. बाद में उसका लाइसेंस रिन्यू कराया गया लेकिन दुर्घटना के समय वैध नहीं था पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया.

विज्ञापन

क्यों नहीं देगी इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि दुर्घटना के समय चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा दने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. 

वाहन चालकों के लिए क्या है सीख?

इस फैसले के बाद सभी वाहन मालिकों को चालकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता पर नजर रखनी चाहिए. अगर लाइसेंस की अवधि खत्म होने वाली है तो समय रहते उसे रिन्यू करा लें. ऐसा नहीं करने पर सड़क हादसे की स्थिति में कानूनी परेशान के साथ-साथ भारी मुआवजा भी अपनी जेब से देना पड़ सकता है.

विज्ञापन

ड्राइविंग स्कूलों में सुधार की जरूरत

इसके साथ ही कोर्ट ने ड्राइविंग स्कूलों की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक देश में ड्राइविंग स्कूलों की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए. उनकी फीस आम लोगों की पहुंच में हो और ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन तथा टेस्ट क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से लाइसेंस बनवा सकें.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ