गाड़ी स्टार्ट करते ही चल पड़ें या पहले इंजन गर्म करें? क्या होता है सही तरीका?

गाड़ी स्टार्ट करने के बाद तुरंत चलाना सही है या पहले इंजन को कई मिनट तक गर्म करना चाहिए? जानें आधुनिक कार में इंजन स्टार्ट करने के बाद कितनी देर रुकना चाहिए और सही ड्राइविंग तरीका क्या है.

Car driving tips

गाड़ी स्टार्ट करते ही तुरंत चलें या कुछ देर इंजन गर्म करें? (Image Credit-Magnific)

सुबह गाड़ी स्टार्ट करने के बाद कई लोग कुछ मिनट तक उसे वहीं खड़ा रखते हैं, ताकि इंजन अच्छी तरह गर्म हो जाए. खासकर सर्दियों में यह आदत और भी आम है. लेकिन क्या आज की कारों में ऐसा करना वाकई जरूरी है? पुरानी गाड़ियों के दौर में इंजन को गर्म करने की यह सलाह काफी काम की थी, लेकिन अब कारों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक बदल चुकी है. मॉर्डन फ्यूल इंजेक्शन और कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम की वजह से ज्यादातर गाड़ियों को लंबे समय तक खड़े-खड़े गर्म करने की जरूरत नहीं होती.

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कार्बोरेटर वाली गाड़ियों के समय की है ट्रिक

इंजन को स्टार्ट करने के बाद कुछ देर गर्म करने की सलाह नई नहीं है. यहा तरीका उस दौर से चला आ रहा है जब कारों में कार्बोरेटर का इस्तेमाल होता था. ठंडे मौसम में पेट्रोल आसानी से वाष्प नहीं बन पाता था, ऐसे में इंजन को चलाने के लिए ज्यादा गाढ़े फ्यूल मिक्सचर की जरूरत पड़ती थी. इसलिए गाड़ी को कुछ देर आइडल पर छोड़ना जरूरी माना जाता था.

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आज की कारों की बदली तकनीक

मौजूदा समय की ज्यादात कारों में फ्यूल इंजेक्शन और कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम दिए जाते हैं. ये सिस्ट इंजन स्टार्ट होते ही कंंडीशन के हिसाब से फ्यूल मिक्सचर को खुद एडजस्ट कर लेते हैं. यही वजह है कि आज की कार को पहले की तरह कई मिनट तक खड़ा रखकर गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती. इंजन को धीरे-धीरे चलाकर ऑपरेटिंग तापमान तक लाना ज्यादा सही तरीका माना जाता है.

लंबे समय तक आइडल पर रखना क्यों सही नहीं?

गाड़ी को काफी देर तक खड़े-खड़े आइडल पर चलाने से इंजन का कंबशन चैंबर तो गर्म होने लगता है, लेकिन इंजन ऑयल ठंडा और गाढ़ा बना रह सकता है. ऐसी स्थिति में ऑयल इंजन के पार्ट्स को उतनी अच्छी तरह लुब्रिकेट नहीं कर पाता. इससे इंजन ज्यादा समय तक घिसाव वाली स्थिति में रह सकता है.

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गाड़ी चलने पर दूसरे पार्ट्स भी गर्म होते हैं

सिर्फ इंजन ही नहीं, बल्कि गियरबॉक्स और डिफरेंशियल जैसे हिस्सों में मौजूद ऑयल को भी सही तापमान तक पहुंचना होता है. गाड़ी खड़ी रहने पर इन हिस्सों का तेल उस तरह घूमकर गर्म नहीं होता, जैसा ड्राइविंग के दौरान होता है. इसलिए सिर्फ इंजन को आइडल पर चलाते रहने के बजाय गाड़ी को हल्के तरीके से चलाना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है.

स्टार्ट करने के बाद कितनी देर रुकें?

एक्सपर्ट्स और स्टडी की सलाह के मुताबिक, गाड़ी स्टार्ट करने के बाद करीब 20 से 30 सेकेंड तक इंजन को आइडल पर रहने देना पर्याप्त हो सकता है. इससे ऑयल प्रेशर को स्थिर होने का समय मिल जाता है. इसके बाद गाड़ी को धीरे-धीरे चलाना शुरू किया जा सकता है.

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शुरुआत में तेज एक्सीलेरेशन से बचें

गाड़ी चलाना शुरू करने के बाद शुरुआती कुछ समय तक तेज एक्सीलेरेशन और हाई आरपीएम से बचना चाहिए. सामान्य स्पीड और हल्के एक्सीलेरेशन के साथ ड्राइव करने से इंजन, गियरबॉक्स और दूसरे पार्टस् धीरे-धीरे अपने सही ऑपरेटिंग टेंपरेचर तक पहुंचते हैं. इससे गाड़ी को लंबे समय तक खड़े रखकर गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती.

बहुत ज्यादा ठंड में कब रुकना ठीक है?

हालांकि बहुत ज्यादा ठंड वाले मौसम में कुछ देर गाड़ी को स्टार्ट रखना उपयोगी हो सकता है. खासकर अगर विंडशील्ड पर धुंध या बर्फ जम गई हो, तो उसे हटाने के लिए डिफॉगर चलाना जरूरी हो सकता है. ऐसे में कुछ सेकेंड गाड़ी को स्टार्ट रखने से सामने की सड़क साफ करने में मदद मिलती है और ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित हो जाती है.

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तो क्या है सही तरीका?

आधुनिक कार में इंजन स्टार्ट करने के बाद कई मिनट तक उसे खड़ा रखकर गर्म करने की जरूरत आमतौर पर नहीं होती. करीब 20 से 30 सेकेंड रुकने के बाद गाड़ी को हल्के हाथ से चलाना शुरू किया जा सकता है. शुरुआत में हाई आरपीएम और तेज एक्सीलेरेशन से बचना बेहतर है. हालांकि, अपनी कार के यूजर मैनुअल में दिए गए निर्देशों को प्राथमिकता देना हमेशा सही रहेगा.

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Source- Consumerreport

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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