हाईवे पर सामने से आ रही हाई-बीम लाइट कर देती है परेशान? रात में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

रात में ड्राइव करते समय अक्सर हाईवे पर हाई-बीम लाइट कुछ सेंकड के लिए आपकी विजिबिलिटी छीन सकती है. जिससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन आप ये टिप्स अपना कर इस चकाचौंध से बच सकते हैं.

Night Driving Tips
1 / 7
Night Driving Tips

रात के समय हाईवे पर ड्राइव करना आसान नहीं होता खासकर तब जब सामने से आने वाले वाहन लगातार हाई-बीम का इस्तेमाल कर रहे हों. तेज रोशनी कुछ सेकंड के लिए आंखों की देखने की क्षमता को प्रभावित कर देती है. ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. इनके बचने के लिए ड्राइवर्स को ये उपाय अपनाना चाहिए.

विज्ञापन

सामने की तेज हेडलाइट को सीधे न देखें

सामने की तेज हेडलाइट को सीधे न देखें2 / 7

अगर सामने से कोई वाहन हाईबीम पर आ रहा है तो उसकी हेडलाइट पर नजर टिकाने से बचें. इसकी बजाय सड़क के लेफ्ट में बनी सफेद लाइन या किनारे पर ध्यान रखें. इससे आखों पर तेज रोशनी का असर कम होगा और साइड विजन की मदद से आप गाड़ी सेफ्टी से चला पाएंगे.

विज्ञापन

एंटी-ग्लेयर चश्मा कर सकता है मदद

एंटी-ग्लेयर चश्मा कर सकता है मदद3 / 7

जो लोग अक्सर रात में ड्राइव करते हैं उनके लिए एंटी रिफ्लेक्टिव कोटिंग वाला चश्मा उपयोगी हो सकता है. ये सामने से आने वाली सफेद या पीली तेज रोशनी की चमक को काफी हद तक कम करता है. इससे आंखों पर प्रेशर कम पड़ता है और ड्राइविंग बेहतर बनती है.

कार के शीशों की सफाई भी है जरूरी

कार के शीशों की सफाई भी है जरूरी4 / 7

रात में बेहतर विजिबिलिटी के लिए कार की विंडशील्ड और सभी शीशों को हमेशा साफ रखें. शीशों पर जमी डस्ट गंदगी और छोटे-छोटे स्क्रैच सामने से आने वाली रोशनी की ज्यादा फैला देते हैं, जिससे सड़क साफ दिखाई नहीं देती. ये भी पढ़ें- बारिश में टायर में नाइट्रोजन भरवाएं या सामान्य हवा? जानिए कौन-सा ऑप्शन रखेगा आपको ज्यादा सुरक्षित

विज्ञापन

केबिन लाइट बंद रखें, रियर-व्यू मिरर को करें डिम

केबिन लाइट बंद रखें, रियर-व्यू मिरर को करें डिम5 / 7

ड्राइविंग के दौरान कार के अंदर की लाइट जलाने से बाहर का अंधेरा ज्यादा महसूस होता है, इसलिए केबिन लाइट बंद रखें. साथ ही पीछे से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी से बचने के लिए इनसाइड रियर व्यू मिरर को नाइट मोड पर कर दें. अगर आपकी कार में ऑटो डिमिंग मिरर है तो उसे ऑन रखें.

जरूरत पड़ने पर डीपर का इस्तेमाल करें

जरूरत पड़ने पर डीपर का इस्तेमाल करें6 / 7

अगर सामने वाला वाहन लगातार हाई-बीम पर चल रहा है तो उसे संकेत देने के लिए अपनी गाड़ी का डीपर या पास लाइट एक-दो बार फ्लैश करें. इससे सामने वाला ड्रावर समझ सकता है कि उसे लो-बीन पर आना है. ये भी पढ़ें- 3 साल चलाइए फिर कंपनी को लौटाइए ये कार, वापस मिलेगा 60% तक पैसा!

विज्ञापन

आंखों में थकान हो तो तुरंत ब्रेक लें

आंखों में थकान हो तो तुरंत ब्रेक लें7 / 7

अगर तेज रोशनी की वजह से आंखों में जलन या थकान महसूस होने लगे तो गाड़ी चलाना थोड़ी देर के लिए बंद कर दें और अपनी आंखों को थोड़ा आराम दें.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन