NHAI 1033 हेल्पलाइन होगी स्मार्ट, AI से पता चलेगी आपकी लोकेशन और तुरंत पहुंचेगी मदद

हाईवे पर गाड़ी खराब होने या हादसा होने पर अब लोकेशन बताने की टेंशन कम हो सकती है. NHAI अपनी 1033 हेल्पलाइन को AI तकनीक से जोड़ने की तैयारी कर रहा है. जानतें हैं इससे जुड़ी पूरी जानकारी.

NHAI 1033 Helpline

गाड़ी खराब हुई या हादसा हुआ? 1033 पर कॉल करते ही AI ढूंढेगा आपकी लोकेशन. (Image Credit-AI/NHAI-X)

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अनजान एक्सप्रेसवे पर अचानक कार या बाइक खराब हो जाए और आसपास कोई पहचान वाली जगह भी नजर न आए, तो मदद बुलाना काफी मुश्किल हो जाता है. रात, बारिश या घने कोहरे में परेशानी और बढ़ जाती है, क्योंकि हादसे या खराब वाहन की सही लोकेशन बताना आसान नहीं होता. अब NHAI इस समस्या को दूर करने की तैयारी कर रहा है. राष्ट्रीय राजमार्गों पर मदद के लिए इस्तेमाल होने वाली 1033 हेल्पलाइन को AI तकनीक से जोड़ने की योजना है. इसके बाद लोगों को फोन पर अपनी लोकेशन समझाने की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है.

फोन आते ही पता लगाने में मिलेगी मदद

NHAI अधिकारियों के मुताबिक, नई तकनीक का इस्तेमाल 1033 हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल के दौरान किया जाएगा. सिस्टम कॉल करने वाले व्यक्ति क लोकेशन पहचानने में मदद करेगा. इसके बाद स्तिथि को देखते हुए एंबुलेंस, वाहन ठीक करने वाला मिस्त्री या टोइंग टीम को मौके पर भेजा जा सकेगा. यानी अगर किसी व्यक्ति को यह भी नहीं पता कि वह एक्सप्रेसवे के किस हिस्से में है, तब भी वह आसानी से सहायता मांग सकेगा.

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मिलेगी 5 किमी तक की सटीक लोकेशन

नया सिस्टम में सिर्फ लोकेशन पता करने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसमें कॉल करने वाला व्यक्ति मौके की फोटो और वीडियो भी शेयर कर सकेगा. NHAI के मुताबिक कि सिस्टम करीब 5 मीटर तक की सटीकता से लोकेशन पता लगाने में सक्षम हो सकता है. इससे सहायता भेजने वाली टीम को घटनास्थल के बारे में पहले से बेहतर जानकारी मिल सकेगी.

एंबुलेंस और टोइंग टीम को भी मिलेगी सीधी लोकेशन

हाईवे पर हादसा होने के बाद कई बार मदद पहुंचने में देरी इसलिए भी होती है क्योंकि टीम को घटनास्थल ढूंढना पड़ता है. नई व्यवस्था में एंबुलेंस, मिस्त्री या टोइंग वाहन के चालक को घटनास्थल की लोकेशन सीधे मिल सकेगी. इससे रास्ता तलाशने में लगने वाला समय बच सकता है और जरूरतमंद व्यक्ति तक राहत जल्दी पहुंचने की उम्मीद है.

हादसे वाली जगहों पर पहले ही मिलेगा अलर्ट

NHAI की योजना के जरिए उन हिस्सों की भी पहचान की जा रही है, जहां एक्सीडेंट का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसी जगह पर पहुंचने से पहले वाहन मालिको को अलर्ट देने की सुविधा भी तैयार की जा रही है. इससे ड्राइवर पहले से सतर्क हो सकेंगे और जोखिम से बचने में मदद मिलेगी.

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कई भाषाओं में काम करेगा सिस्टम

देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग हाईवे पर सफर करते हैं. ऐसे में भाषा भी कई बार मदद मांगने में परेशानी बन जाती है. NHAI की योजना इस सिस्टम को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा कई भाषाओं में इस्तेमाल करने जैसा बनाने की है. इसका मकसद 1033 हेल्पलाइन हो अलग-अलग राज्यों के यात्रियों के लिए ज्यादा आसान बनाना है. इस तरह आपात स्थिति में लोकेशन बताने और भाषा से जुड़ी परेशानी को तकनीक की मदद से कम किया जा सकेगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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