सर्दियों में कार के टायर में कितना हवा रखना चाहिए? 30-35 का फॉर्मूला हर कार पर नहीं होगा लागू

सर्दियों में तापमान गिरते ही कार के टायर की हवा कम हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर कार में 30, 32 या 35 PSI भरना सही है. जानिए ठंड में टायर में कितनी हवा रखें और प्रेशर चेक करते समय कौन सी गलती भारी पड़ सकती है.

Car tyre pressure

सर्दियों में तापमान गिरते ही कार के टायर की हवा कम हो सकती है. (Image Credit-Magnific)

सर्दियां शुरू होने में हैं और इसके शुरू होते ही तापमान गिरने लगता है और इसका असर कार टार के प्रेशर पर भी पड़ता है. ठंड में टायर का प्रेशर कुछ कम दिखाई दे सकता है, इसलिए इस मौसम में टायर की हवा चेक करना और भी जरूरी हो जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर कार में सर्दियों के लिए कोई तय PSI भरना चाहिए. टायर का सही प्रेशकर कार के मॉडल, टायर साइज और गाड़ में लोड के हिसाब से कंपनी तय करती है. इसलिए हवा भरवाने से पहले अपनी कार के लिए रिकमेंडेड प्रेशर जरूर देख लें.

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सही PSI कहां लिखा होता है?

कार के टायर में कितना एयर प्रेशर होना चाहिए, इसकी जानकारी आमतौर पर ड्राइवर साइड के दरवाजे के फ्रेम पर लगे स्टिकर में दी होती है. यह जानकारी कार के ओनर मैनुअल में भी मिल जाती है. ध्यान रखें कि टायर की साइडवॉल पर लिखा मैक्सिमम PSI आपकी कार के लिए रिकमेंडेड प्रेशर नहीं होता. सर्दियों में भी कार निर्माता की ओर से बताए गए कोल्ड टायर प्रेशर को ही बनाए रखना चाहिए.

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सर्दियों में कितनी रखें टायर की हवा

मान लीजिए आपकी कार के टायर का रिकमेंडेड कोल्ड प्रेशर 32 PSI है. तो ठंड के मौसम में भी ठंडे टायर पर इसका प्रेशर 32 PSI ही होना चाहिए. अगर कार के स्टिकर पर आगे और पीछे के टायर के लिए अलग-अलग प्रेशर दिया गया है, तो उसी हिसाब से हवा भरें. भारत में कई कारों में टायर प्रेशर करीब 30-35 PSI के आसपास हो सकता है, लेकिन इसे हर कार के लिए सही नहीं माना जा सकता. इसलिए हवा भरवाने से पहले डोर फ्रेम स्टीकर या ऑनर मैनुअल जरूर देखें. 

ठंड में टायर की हवा कम हो जाती है?

तापमान कम होने पर टायर के अंदर मौजूद हवा का प्रेशर भी कम हो जाता है. इसी वजह से गर्मियों में सही रहने वाला टायर प्रेशर सर्दियों में थोड़ा कम दिख सकता है. तापमान के साथ प्रेशर में बदलाव सामान्य है. कुछ वाहन मैनुअल में करीब 7 डिग्री तापमान बदलाव पर लगभग 1 PSI के बदलाव का संदर्भ मिलता है, लेकिन असल बदलाव मौसम और दूसरी परिस्थितियों पर निर्भर करता है. इसलिए किसी सामान्य नंबर को फॉलो करने के बजाय अपनी कार के रिकमेंडेड प्रेशर को ही आधार बनाना बेहतर है.

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टायर ठंडे हों तभी चेक करें हवा

टायर का प्रेशर चेक करने का सही समय तब होता है जब कार काफी देर से खड़ी हो. NHTSA के अनुसार कोल्ड टायर आमतौर पर ऐसा टायर होता है जिसे कम से कम तीन घंटे से चलाया न गया हो. ड्राइविंग के दौरान टायर गर्म होने पर प्रेशर सामान्य रूप से बढ़ जाता है. ऐसे में गर्म टायर से हवा निकालकर उसे रिकमंडेड कोल्ड प्रेशर तक लाना सही तरीका नहीं है. 

कम हवा से भी बढ़ती है परेशानी

टायर में जरूरत से कम हवा होने पर कार की हेंडलिंग प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा टायर ज्यादा गर्म हो सकता है, अनइवन वियरबढ़ सकता है और फ्यूल एफिशिएंसी भी कम हो सकती है. इसलिए अगर सर्दियों में टायर का प्रेशर कम दिख रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें.

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ज्यादा हवा भरना भी सही नहीं

कुछ लोग ठंड के मौसम में प्रेशर कम होने की चिंता में जरूरत से ज्यादा हवा भर देते हैं. ऐसा करना भी सही नहीं है. ज्यादा हवा होने पर कार की राइज ज्यादा कठोर महसूस हो सकती है और टायर के बीच वाले हिस्से में ज्यादा घिसाव हो सकता है. इसलिए मौसम ठंडा होने के कारण अपने हिसाब से एक्स्ट्रा भरने के बजाय कंपनी के बताए प्रेशर को ही फॉलो करें.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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