सर्दियां शुरू होने में हैं और इसके शुरू होते ही तापमान गिरने लगता है और इसका असर कार टार के प्रेशर पर भी पड़ता है. ठंड में टायर का प्रेशर कुछ कम दिखाई दे सकता है, इसलिए इस मौसम में टायर की हवा चेक करना और भी जरूरी हो जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर कार में सर्दियों के लिए कोई तय PSI भरना चाहिए. टायर का सही प्रेशकर कार के मॉडल, टायर साइज और गाड़ में लोड के हिसाब से कंपनी तय करती है. इसलिए हवा भरवाने से पहले अपनी कार के लिए रिकमेंडेड प्रेशर जरूर देख लें.
सही PSI कहां लिखा होता है?
कार के टायर में कितना एयर प्रेशर होना चाहिए, इसकी जानकारी आमतौर पर ड्राइवर साइड के दरवाजे के फ्रेम पर लगे स्टिकर में दी होती है. यह जानकारी कार के ओनर मैनुअल में भी मिल जाती है. ध्यान रखें कि टायर की साइडवॉल पर लिखा मैक्सिमम PSI आपकी कार के लिए रिकमेंडेड प्रेशर नहीं होता. सर्दियों में भी कार निर्माता की ओर से बताए गए कोल्ड टायर प्रेशर को ही बनाए रखना चाहिए.
सर्दियों में कितनी रखें टायर की हवा
मान लीजिए आपकी कार के टायर का रिकमेंडेड कोल्ड प्रेशर 32 PSI है. तो ठंड के मौसम में भी ठंडे टायर पर इसका प्रेशर 32 PSI ही होना चाहिए. अगर कार के स्टिकर पर आगे और पीछे के टायर के लिए अलग-अलग प्रेशर दिया गया है, तो उसी हिसाब से हवा भरें. भारत में कई कारों में टायर प्रेशर करीब 30-35 PSI के आसपास हो सकता है, लेकिन इसे हर कार के लिए सही नहीं माना जा सकता. इसलिए हवा भरवाने से पहले डोर फ्रेम स्टीकर या ऑनर मैनुअल जरूर देखें.
ठंड में टायर की हवा कम हो जाती है?
तापमान कम होने पर टायर के अंदर मौजूद हवा का प्रेशर भी कम हो जाता है. इसी वजह से गर्मियों में सही रहने वाला टायर प्रेशर सर्दियों में थोड़ा कम दिख सकता है. तापमान के साथ प्रेशर में बदलाव सामान्य है. कुछ वाहन मैनुअल में करीब 7 डिग्री तापमान बदलाव पर लगभग 1 PSI के बदलाव का संदर्भ मिलता है, लेकिन असल बदलाव मौसम और दूसरी परिस्थितियों पर निर्भर करता है. इसलिए किसी सामान्य नंबर को फॉलो करने के बजाय अपनी कार के रिकमेंडेड प्रेशर को ही आधार बनाना बेहतर है.
टायर ठंडे हों तभी चेक करें हवा
टायर का प्रेशर चेक करने का सही समय तब होता है जब कार काफी देर से खड़ी हो. NHTSA के अनुसार कोल्ड टायर आमतौर पर ऐसा टायर होता है जिसे कम से कम तीन घंटे से चलाया न गया हो. ड्राइविंग के दौरान टायर गर्म होने पर प्रेशर सामान्य रूप से बढ़ जाता है. ऐसे में गर्म टायर से हवा निकालकर उसे रिकमंडेड कोल्ड प्रेशर तक लाना सही तरीका नहीं है.
कम हवा से भी बढ़ती है परेशानी
टायर में जरूरत से कम हवा होने पर कार की हेंडलिंग प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा टायर ज्यादा गर्म हो सकता है, अनइवन वियरबढ़ सकता है और फ्यूल एफिशिएंसी भी कम हो सकती है. इसलिए अगर सर्दियों में टायर का प्रेशर कम दिख रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें.
ज्यादा हवा भरना भी सही नहीं
कुछ लोग ठंड के मौसम में प्रेशर कम होने की चिंता में जरूरत से ज्यादा हवा भर देते हैं. ऐसा करना भी सही नहीं है. ज्यादा हवा होने पर कार की राइज ज्यादा कठोर महसूस हो सकती है और टायर के बीच वाले हिस्से में ज्यादा घिसाव हो सकता है. इसलिए मौसम ठंडा होने के कारण अपने हिसाब से एक्स्ट्रा भरने के बजाय कंपनी के बताए प्रेशर को ही फॉलो करें.