Car Insurance: बजट टाइट है? मंथली कार इंश्योरेंस से ऐसे होगी आसान प्लानिंग

मंथली कार इंश्योरेंस का विकल्प उन लोगों के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जो सालाना एकमुश्त बड़ी रकम देने से बचना चाहते हैं. जानते हैं कैसे सही ये आइडिया.

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ऐसे करें कार इंश्योरेंस प्लानिंग. (News24 GFX)

Monthly Car Insurance Benefits: कार खरीदने के बाद सबसे जरूरी काम होता है उसका इंश्योरेंस, लेकिन साल में एक बार एकमुश्त मोटी रकम देना कई लोगों के लिए परेशानी बन जाता है. इसी वजह से अब मंथली कार इंश्योरेंस का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इसमें सालाना भारी प्रीमियम देने के बजाय हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम चुकानी होती है. यह तरीका न सिर्फ जेब पर हल्का पड़ता है, बल्कि महीने के बजट में भी आसानी से फिट हो जाता है. आइए समझते हैं कि लोग मंथली कार इंश्योरेंस की तरफ क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं और क्या ये सही है.

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मंथली प्लान क्यों लगता है आसान

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पहले कार इंश्योरेंस का पूरा प्रीमियम एक साथ देना पड़ता था, जो कई बार 15,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकता था. इतनी बड़ी रकम एक बार में निकालना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. मंथली इंश्योरेंस में यही रकम छोटे हिस्सों में बंट जाती है, जैसे हर महीने 1,000 या 1,500 रुपये. इससे खर्च अचानक बोझ नहीं बनता और भुगतान ज्यादा सहज लगता है.

मंथली बजट के साथ बेहतर तालमेल

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आज ज्यादातर लोग अपनी कमाई और खर्च को महीने के हिसाब से प्लान करते हैं. EMI, किराया, बिजली और मोबाइल बिल जैसे खर्च पहले से तय होते हैं. मंथली कार इंश्योरेंस भी इसी पैटर्न में फिट हो जाता है. अगर साल में एक बार कई बड़े खर्च एक साथ आ जाएं, तो बजट गड़बड़ा सकता है, जबकि महीने-महीने में कम रकम देना ज्यादा संतुलित लगता है.

कम स्ट्रैस से राहत

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एक साथ बड़ी रकम देने का दबाव कई बार मानसिक तनाव भी बढ़ा देता है. मंथली पेमेंट में यह चिंता काफी हद तक कम हो जाती है. लोगों को पता होता है कि हर महीने एक तय रकम कटेगी, बिल्कुल किसी बिल या EMI की तरह. इससे खर्च पर कंट्रोल बना रहता है और अचानक पैसों की टेंशन नहीं होती.

किन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद

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मंथली कार इंश्योरेंस खासतौर पर यंग ड्राइवर्स और पहली बार कार इंश्योरेंस लेने वालों के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा स्टूडेंट्स, अस्थायी नौकरी करने वाले, फ्रीलांसर और सेल्फ-एम्प्लॉइड लोगों के लिए भी यह अच्छा विकल्प है, जिनकी इनकम हर महीने एक जैसी नहीं होती. कम आय वाले परिवार भी सालाना भारी भुगतान से बचने के लिए इसे चुन सकते हैं.

क्या मंथली इंश्योरेंस ज्यादा महंगा पड़ता है

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कई मामलों में मंथली पेमेंट पर थोड़ा अतिरिक्त चार्ज या एडमिन फीस जुड़ सकती है, जिससे सालाना खर्च थोड़ा बढ़ सकता है. हालांकि, ज्यादातर कंपनियां इसे EMI की तरह सालाना पॉलिसी को हिस्सों में बांटकर पेश करती हैं. इसका मतलब है कि कवरेज पूरे साल का ही रहता है, बस भुगतान का तरीका बदल जाता है.

कवरेज को ठीक से समझना जरूरी

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मंथली कार इंश्योरेंस में भी थर्ड पार्टी कवरेज मिलता है. इसके साथ ओन-डैमेज कवर और अलग-अलग ऐड-ऑन विकल्प भी मिल सकते हैं. सुरक्षा और फायदे वही रहते हैं, जो सालाना पॉलिसी में होते हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि पैसा एक बार में नहीं, बल्कि महीने-महीने में देना होता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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