दुनिया की सबसे बेशकीमती और खूबसूरत कार की लगेगी बोली, 1938 में बनी थी ये गाड़ी, कीमत जान उड़ जाएंगे होश
दुनिया की सबसे दुर्लभ और खूबसूरत कारों में 938 Talbot-Lago T150-C SS Teardrop Coupe एक बार फिर नीलामी में उतरने जा रही है. दुनिया में इसकी सिर्फ 11 कारें मौजूद हैं और इस बार इसकी कीमत 76 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है
नीलाम होने जा रही 1938 की ये बेशकीमती कार. (Image Credit- RM Sotheby)
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दुनिया की सबसे दुर्लभ और खूबसूरत कारों में शामिल 1938 Talbot Lago T150 C SS Teardrop Coupe एक बार फिर सुर्खियों में है. खास बात ये है कि ये सिर्फ एक कार पुरानी कार नहीं, बल्कि ऑटोमोबाइल इतिहास का बेहद खास हिस्सा है. हाथ से तैयार की गई इस कार का एयरोडायनैमिक डिजाइन, रेसिंग इतिहास और बेहद कम संख्या इसे खास बनाते हैं. अब 15 अगस्त को अमेरिका के कैलिफॉर्निया में इसकी नीलामी होने जा रही है. जहां इसकी कीमत 76 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.
दुनिया की सबसे दुर्लभ कार 1938 Talbot Lago T150 C SS Teardrop Coupe को 1938 में बनाया गया था. अपनी खास डिजाइन और बेहद कम संख्या के कारण यह कार लंबे समय से क्लासिक कार कलेक्टर्स के बीच आकर्षण का केंद्र रही है.
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वाटरड्रॉप डिजाइन बनाता है इसे खास
इस कार की सबसे बड़ी खासियत इसका एयरोडायनैमिक डिजाइन है. इसकी बॉडी शेप पानी की बूंद यानी Teardrop जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे Teardrop Coupe कहा जाता है. उस दौरा में इस तरह का डिजाइन बेहद खास माना जाता था. कार को फ्रेंच बॉडी बिल्डर Figoni और Falaschi ने पूरी तरह हाथ से तैयार किया था.
Image Credit- RM Sotheby
रेसिंग के लिए भी तैयार की गई थी
1938 Talbot Lago T150 C SS Teardrop Coupe सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं बनाई गई थी. इसमें रेसिंग डीएनए भी दिया गया था. कार में 4.0 लीटर इंजन मिलता था, जो अपने समय में करीब 140 हॉर्सपावर की ताकत देता था. इस कार ने 1939 की Le Mans रेस में भी हिस्सा लिया था, जिससे इसका रेसिंग इतिहास और खास हो जाता है.
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दुनिया में अब सिर्फ 11 कारें
इस कार को Super Sport सेगमेंट में तैयार किया गया था और इसका प्रोडक्शन बेहद सीमित संख्या में हुआ था. जानकारी के मतुबाकि आज दुनिया में इस तरह की सिर्फ 11 कारें मौजूदहैं. इनमें से कई कारें दुनिया के चुनिंदा अरबपतियों और बड़े कार कलेक्टर्स के निजी कलेक्शन का हिस्सा हैं.
इस कार का इतिहास भी इसकी कीमत जितना ही दिलचस्प है. जानकारी के मुताबिक, इसे सबसे पहले 1937 में फ्रांस के एक व्यक्ति ने खरीदा था. इसके बाद दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ये कार गायब हो गई. कई सालों तक इसका कोई पता नहीं चला. बाद में यह जर्मनी के पूर्वी बर्लिन में मिली और फिर इसे अमेरिका लाया गया।
अमेरिका लाए जाने के बाद इस दुर्लभ कार को दोबारा ठीक करने और उसकी पुरानी खूबसूरती लौटाने में करीब छह साल का समय लगा. इतनी लंबी प्रोसेस के बाद कार को फिर से उसके खास क्लासिक रूप में तैयार किया गया.
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पहले भी करोड़ों में बिक चुकी है
इस दुर्लभ कार की नीलामी पहले भी हो चुकी है. साल 2006 में इसकी बिक्री 37.23 करोड़ रुपये की कीमत पर हुई थी. इसके बाद 2022 में इसे फिर बेचा गया और तब इसकी कीमत 69 करोड़ रुपये पहुंच गई थी.
15 अगस्त को होगी नीलामी
अब एक बार फिर यह दुर्लभ कार नीलामी के लिए तैयार है. जानकारी के मुताबिक 15 अगस्त को अमेरिका के फैलिफॉर्निया में इसकी नीलामी होगी. इस बार इसकी कीमत 76 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.