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सर्दियों में कार का हीटर आराम या रिस्क? जानिए कितनी देर चलाना है सही, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

सर्दियों में कार का हीटर आराम देता है, लेकिन एक छोटी-सी लापरवाही आपकी जान पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि कार का हीटर कितनी देर तक सुरक्षित है और कौन-सी गलती इसे गैस चेंबर बना सकती है? अगर आप भी गाड़ी में हीटर इस्तेमाल करते हैं, तो ये जानकारी जानना बेहद जरूरी है.

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Car heater safety tips in winter: सर्दियों में कार का हीटर राहत देता है, लेकिन यही हीटर अगर गलत तरीके से और ज्यादा देर तक चलाया जाए, तो यह जानलेवा भी बन सकता है. उत्तराखंड के नैनीताल में हाल ही में हुई एक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया, जहां कार के अंदर अंगीठी जलाकर सोने से दम घुटने की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस घटना के बाद एक अहम सवाल उठता है कि कार का हीटर कितनी देर तक चलाना सुरक्षित है और किन गलतियों से बचना जरूरी है.

नैनीताल के सुखताल पार्किंग में नोएडा से आए एक ड्राइवर की कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई. ठंड से बचने के लिए कार के अंदर अंगीठी जलाना इस हादसे की बड़ी वजह बना. यह घटना बताती है कि बंद केबिन में गर्मी पैदा करने के गलत तरीके कितने खतरनाक हो सकते हैं, चाहे वह अंगीठी हो या कार का हीटर.

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सर्दियों में कार का हीटर क्यों बन सकता है खतरा

ठंड के मौसम में लोग कार के अंदर हीटर चलाकर खुद को गर्म रखते हैं. लेकिन लंबे समय तक हीटर चलाने से कार के केबिन में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है. अगर वेंटिलेशन ठीक न हो या कोई लीकेज हो, तो कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैस जमा होने लगती है, जो चक्कर, घुटन और बेहोशी का कारण बन सकती है.

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एयर रीसर्क्युलेशन मोड क्या है और क्यों है खतरनाक

कार के AC पैनल में दिया गया एयर रीसर्क्युलेशन मोड बाहर की हवा को रोककर अंदर की हवा को ही बार-बार घुमाता है. गर्मियों में यह मोड फायदेमंद होता है, लेकिन सर्दियों में हीटर के साथ इसे लंबे समय तक ऑन रखना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसा करने से केबिन में ताजी हवा नहीं आती और अंदर मौजूद हवा धीरे-धीरे नुकसानदायक बन जाती है.

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ज्यादा देर हीटर चलाने से और क्या दिक्कतें होती हैं

अगर कार में कई लोग बैठे हों और हीटर के साथ रीसर्क्युलेशन मोड चालू हो, तो खतरा और बढ़ जाता है. इसके अलावा लंबे समय तक हीटर चलाने से कार के शीशों पर फॉग जमने लगता है, जिससे विजिबिलिटी कम हो जाती है. ड्राइविंग के दौरान ऐसा होना दुर्घटना का कारण भी बन सकता है.

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कार का हीटर कितनी देर चलाना सही है

गाड़ी स्टार्ट करने के बाद इंजन को 30 से 60 सेकंड तक गर्म होने दें और फिर हीटर को मध्यम तापमान, करीब 20 से 22 डिग्री सेल्सियस पर चलाएं. हीटर को लगातार घंटों तक बंद केबिन में न चलाएं. हर 10-15 मिनट में 1-2 मिनट के लिए खिड़की थोड़ा खोलें या वेंट को फ्रेश एयर मोड पर रखें, ताकि अंदर ताजी हवा आती रहे.

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हीटर इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियां

लंबे समय तक हीटर चलाने से ऑक्सीजन कम हो सकती है और कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा बढ़ सकता है. बहुत ज्यादा गर्मी से त्वचा और आंखों में सूखापन भी महसूस हो सकता है, इसलिए संतुलित तापमान रखें और पानी पीते रहें. गाड़ी को ज्यादा देर तक स्टार्ट रखकर खड़े रहने से ईंधन की खपत भी बढ़ती है.

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सुरक्षा ही सबसे जरूरी

कार का हीटर सुविधा के लिए है, लेकिन लापरवाही इसे खतरे में बदल सकती है. सही तापमान, सही समय और सही वेंटिलेशन का ध्यान रखकर हीटर का इस्तेमाल करें. थोड़ी-सी सावधानी आपको और आपके साथ सफर कर रहे लोगों को बड़े हादसे से बचा सकती है.

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First published on: Dec 30, 2025 01:20 PM

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About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

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