Sunil Sharma
Read More
---विज्ञापन---
Panchak 2023: वैदिक ज्योतिष में पंचकों को अशुभ मान कर समस्त प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य करने की मनाही की गई है। पंचांग के अनुसार 15 अप्रैल 2023 (शनिवार) को सायं 6.44 बजे पंचक आरंभ हो रहे हैं। पंचक का समापन 19 अप्रैल 2023 को रात्रि 11.53 बजे होगा। इन पांच दिनों के दौरान आप भी किसी प्रकार का शुभ कार्य न करें।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब चन्द्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में विचरण करता है तो उसे ही पंचक कहा जाता है। इन सभी नक्षत्रों को पार करने में चंद्रमा को लगभग 5 दिन लगते हैं और प्रत्येक 27 दिनों के बाद पंचक लगते हैं।
यह भी पढ़ें: शनि को करें ये तांत्रिक टोटके तो दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाएगा
पंचक किस दिन से आरंभ होता है, इसी के आधार पर उसे नाम दिया जाता है। सोमवार को आरंभ होने वाले पंचक को राज पंचक, मंगलवार से आरंभ होने पर अग्नि पंचक, शुक्रवार से आरंभ होने पर चोर पंचक, शनिवार को आरंभ होने पर मृत्यु पंचक तथा रविवार को आने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है। इस बार पंचक शनिवार से आरंभ हो रहा है अत: इसे मृत्यु पंचक कहा जाएगा।
इस अशुभ काल में समस्त प्रकार के शुभ कार्यों पर पाबंदी लगाई गई है। इस समय नए घर का निर्माण करना, छत डालना,मकान की नींव लगाना, नया व्यापार आरंभ करना, नया फर्नीचर खरीदना, उपनयन संस्कार, विद्यारंभ आदि सभी कार्य टालने चाहिए।
यह भी पढ़ें: अगर करेंगे ये उपाय तो शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या भी बन जाएगी शुभ
ज्योतिष के आचार्यों के अनुसार पंचक में जिस भी कार्य को किया जाता है, उसी में असफलता प्राप्त होती है। यही नहीं, व्यक्ति को एक के बाद एक लगातार कई असफलताएं मिलने लगती हैं जिससे उसे हर तरह से नुकसान होने लगता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
न्यूज 24 पर पढ़ें ज्योतिष, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।