Kundali Trik Bhav: कुंडली का 'त्रिक भाव' क्या है, क्यों है खतरनाक; जानें जिंदगी पर असर और ज्योतिष रहस्य

Kundali Trik Bhav: वैदिक ज्योतिष में 6वें, 8वें और 12वें भाव को त्रिक भाव कहा जाता है. इन्हें दुख, संघर्ष, बीमारी और आर्थिक हानि का कारक माना गया है. ज्योतिष अनुसार ये भाव जीवन में तनाव, संकट और अप्रत्याशित चुनौतियां ला सकते हैं.

kundali trik bhav

Kundali Trik Bhav: वैदिक ज्योतिष में प्रत्येक कुंडली के 12 भाव या घर होते हैं, जिसके छठे, आठवें और बारहवें भाव को त्रिक भाव कहते हैं. कुंडली के इन तीनों भावों को जीवन में दुख, संघर्ष, और नुकसान देने वाला माना गया है. दरअसल इन्हें, ‘कुंडली का छिद्र’ कहा गया है. यही कारण है कि इन्हें ‘दुस्थान’ भी कहते हैं. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि इन भावों के कारण जातक को बिना वजह मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं, ज्योतिष शास्त्र कुंडली के त्रिक भाव के रहस्य को.

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छठा भाव – रोग, शत्रु और कर्ज

कुंडली का छठा भाव जीवन में रोग, शत्रु, कर्ज, कानूनी विवाद और करियर-कारोबार में संघर्ष बढ़ाता है. इस भाव के कमजोर होने या पीड़ित या दूषित होने से जातक को लगातार मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है. मुकदमेबाजी कोर्ट का चक्कर भी इसी के कारण लगता है.

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आठवां भाव – मृत्यु, संकट और रहस्य

कुंडली के आठवें भाव को सबसे रहस्यमयी और खतरनाक भाव माना गया है. इसे अचानक सब कुछ छीन लेने वाला भाव भी कहा गया है. जीवन में जीवन में अप्रत्याशित घटनाएं इसी भाव के कारण होती हैं, जो इंसान को हिला कर रख देती हैं. अचानक दुर्घटना, गंभीर बीमारी, मानसिक पीड़ा और बड़े उतार-चढ़ाव के कारण अधिकांश इसी भाव के कारण होते हैं.

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बारहवां भाव – खर्च, हानि और अलगाव

धन की फिजूलखर्ची, अस्पताल का खर्च, जेल यात्रा, अनिद्रा और अपनों से अलगाव के लिए कुंडली के बारहवें भाव को जिम्मेदार माना जाता है. हालांकि यह भाव भाव विदेश यात्रा और आध्यात्मिक जागृति का भी कारण है. लेकिन इस भाव के कारण ही व्यक्ति की जमा पूंजी भी लुट जाती है. इसलिए यह व्यय भाव भी कहलाता है.

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हमेशा बुरे नहीं होते ‘त्रिक भाव’

ज्योतिषाचार्य शांडिल्य बताते हैं कि इन भावों के स्वामी यदि इन्हीं तीनों भावों में से किसी एक में बैठ जाएं, तो यह ‘विपरीत राजयोग’ बनाता है. जो संघर्ष के बाद अचानक बहुत बड़ी सफलता, पद और धन दिलाता है. इन भावों का सही उपयोग आध्यात्मिक उन्नति और अचानक बड़े लाभ के द्वार खोल सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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