Sibling’s Rivalry: न केवल बचपन में बल्कि बड़े होने के बाद भी बड़े भाई या छोटी बहन से कुछ मुद्दों और बातों को लेकर कहा-सुनी और झड़प हो ही जाती है. लेकिन कभी-कभी कुछ छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस की इतनी दूरियां बढ़ जाती हैं कि सालों बात नहीं होती है. क्या आपने कभी सोचा है कि मनोविज्ञान के पीछे आपकी कुंडली के ग्रह भी हो सकते हैं. जी हां, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली के कुछ भाव और ग्रह सीधे तौर पर भाई-बहनों के रिश्तों पर असर डालते हैं. आइए जानते हैं, कौन-से भाव और ग्रह आपसी मनमुटाव, अनबन और रिश्तों में कलह के कारण होते हैं?
कुंडली का तीसरा और ग्यारहवां भाव
कुंडली का तीसरा भाव पराक्रम और साहस के साथ ‘छोटे भाई-बहनों का घर’ है. वहीं, ग्यारहवां भाव इनकम और ‘बड़े भाई-बहनों का स्थान’ है. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, जब इन भावों पर क्रूर ग्रहों, पापी ग्रहों या दूषित ग्रहों की दृष्टि होती है, तब भाई-बहनों के बीच अनबन, मनमुटाव, कलह, ईर्ष्या और भावनात्मक दूरी बढ़ती है. यहां तक कि ये , वर्चस्व और हक की लड़ाई भी बन जाती है और कई बार बात कोर्ट-कचहरी तक जा पहुंचती है. जब तीसरे घर के स्वामी कुंडली के 6ठें, 8वें या 12वें भाव में बैठ जाते हैं, तब भी विवाद बढ़ता है.
बड़े भाई से क्यों बनती है दूरी?
वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह को बड़े-भाई बहन का कारक ग्रह माना गया है. जब कुंडली में बृहस्पति कमजोर होते है या राहु और शनि ग्रह से पीड़ित होते हैं, तब बड़े भाई-बहनों से विचारों में टकराव होता है और उनके सम्मान की कमी आती है. बड़े भाई-बहनों के साथ पैतृक संपत्ति या आर्थिक मामलों को लेकर विवाद तब होते हैं, जब ग्यारहवें भाव में शनि, राहु या केतु जैसे ग्रह बैठे होते हैं. इस हालात में बड़े भाई से दूरी बहुत बढ़ जाती है.
छोटी बहन से अनबन के कारण
मंगल ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में छोटे भाई का कारक माना गया है, जबकि केवल छोटी बहनों का कारक बुध ग्रह हैं. जब कुंडली के तीसरे भाव में मंगल कमजोर होते हैं या उसपर शनि की दृष्टि पड़ती है, तब छोटे भाई के साथ आक्रामकता, क्रूरता और जिद बढ़ती है. दूसरी ओर, जब बुध पर राहु का प्रभाव हो तो छोटी बहन या चचेरी बहन के साथ रिश्तों में खटास आती है और गलतफहमियां बढ़ती हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी अंक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.