Kaalchakra: कैसे बढ़ेगा धन, कैसे मिलेगा सुखमय जीवन, सम्मान और सफलता; पंडित सुरेश पांडेय से जानें राशि अनुसार उपाय
Kaalchakra Today: ज्योतिष शास्त्र के मान्यता हैं कि राशि अनुसार सही उपाय अपनाने से धन, सुख, सम्मान और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं. पंडित सुरेश पांडेय से जानिए 12 राशियों के लिए सरल, उपयोगी और असरदार ज्योतिषीय उपाय. आइए जानते हैं, आपकी राशि के लिए सबसे असरदार उपाय क्या है?
Written By: Shyamnandan|Updated: Jul 23, 2026 13:02
Edited By : Shyamnandan|Updated: Jul 23, 2026 13:02
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Kaalchakra Today: क्या आपने कभी सोचा कि मेष, वृषभ, मिथुन जैसी राशियां कहां से आईं? हिन्दू धर्म के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, हमारे ऋषि-मुनियों ने अंतरिक्ष का गहन अध्ययन किया. उन्होंने आकाश को 108 स्वरूपों में बाँटा, फिर चार-चार की समानता देखकर 27 नक्षत्र बनाए. हर नक्षत्र के नौ-नौ चरणों से एक आकार उभरा – पहला भेड़ का यानी मेष, दूसरा बैल का यानी वृषभ, तीसरा स्त्री-पुरुष का संयुक्त रूप यानी मिथुन और इसी क्रम से 12 राशियां बनीं. ज्योतिष शास्त्र के विद्वान पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि ज्योतिष कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि सुसंगठित ज्ञान है. अगर यह विज्ञान नहीं होता, तो हजारों साल पहले ऋषि सूर्य-चंद्र ग्रहण का सही समय कैसे बता पाते? उस समय न कोई वेधशाला थी, न टेलीस्कोप. फिर भी उनकी बातें शत-प्रतिशत सही होती थीं. यही है ज्योतिष की वैज्ञानिकता, जो अनजान को भी जान लेती है. इसी कड़ी में आज के कालचक्र प्रोग्राम मेंन लाए हैं 12 राशियों के लिए खास उपाय, जिन्हें अपनाकर आप धन, सुख, सम्मान और सफलता पा सकते हैं. पंडित सुरेश पांडेय जी की इन सलाहों को मानेंगे तो कभी पछताना नहीं पड़ेगा. आइए जानते हैं, आपकी राशि के लिए क्या है बेस्ट उपाय, चाहे वह रुद्राक्ष धारण हो, किसी देवी-देवता की उपासना हो या फिर कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव.
राशि अनुसार असरदार उपाय
मेष राशि (Aries): क्रोध पर काबू, सफलता की चाबी
मेष राशि वालों का स्वामी ग्रह मंगल है. आप क्षणिक क्रोध वाले होते हैं, खासकर भूख लगने पर. लेकिन दिल के बहुत साफ होते हैं. किसी के लिए बदले की भावना नहीं रखते. उपाय: हनुमान जी की पूजा करें. सूर्य को नियमित जल अर्पित करें. तीन मुखी या एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें. किसी से मुफ्त में उपहार न लें. भाई और पिता से विवाद न करें.
वृषभ राशि (Taurus): शक्ति की उपासना से बनेगा भाग्य
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं. आप स्थिर स्वभाव के होते हैं और लग्जरी लाइफ में रुचि रखते हैं. आपका राशि स्थान मुख पर होता है. उपाय: छह मुखी रुद्राक्ष शुभ है. मां दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी या बगलामुखी की उपासना करें. शनिवार को शनि मंदिर में नमन करें. मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें. किसी से किया वादा जरूर निभाएं.
मिथुन राशि (Gemini): गणेश उपासना से खुलेगी राह
मिथुन राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह बुध है. आप कम बोलते हैं और संक्षिप्त जवाब देकर काम चला लेते हैं. नाक तोते की तरह मुड़ी हुई होती है. उपाय: चार मुखी रुद्राक्ष शुभ है. भगवान गणेश की उपासना करें. श्री हरि विष्णु की पूजा भी लाभदायक है. ज्यादा मसालेदार या मांसाहारी भोजन से बचें. घर में पंछी या मछली न पालें. मुख्य द्वार पर मनी प्लांट न लगाएं.
कर्क राशि जल तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह चंद्रमा है. आपमें नेतृत्व की अद्भुत क्षमता होती है. चेहरा चौकोर, माथा ऊंचा और स्वरूप आकर्षक होता है. उपाय: दो मुखी रुद्राक्ष लाभकारी है. भगवान शिव की उपासना करें. "ओम नमः शिवाय" का जप करें. हनुमान जी की पूजा भी करें. नित्य राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें. जल्दबाजी में विवाह न करें. धार्मिक स्थान पर नंगे पैर जाएं.
सिंह राशि (Leo): ध्यान रखें दुश्मनी भली नहीं
सिंह राशि दुनिया की सबसे मैग्नेटिक राशि है. स्वामी ग्रह सूर्य है. आप तेजस्वी और प्रतिभाशाली हैं. लेकिन एक बात याद रखें - अगर किसी को दुश्मन बना लिया तो उसे भूलते नहीं. उपाय: एक मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ है. सूर्य को नियमित जल अर्पित करें. मां दुर्गा की उपासना करें.
कन्या राशि (Virgo): शरणागति से मिलेगी सफलता
कन्या राशि पृथ्वी तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह बुध है. आपको जीवन में अक्सर संघर्ष करना पड़ता है. उपाय: चार मुखी रुद्राक्ष धारण करें. मां दुर्गा की उपासना करें. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. गणेश जी की पूजा करें. राम रक्षा स्त्रोत या विष्णु सहस्त्रनाम का आश्रय लें.
तुला राशि (Libra): साफ-सफाई रखें, दुर्भाग्य दूर भागे
तुला राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह शुक्र है. राशि स्थान मूत्राशय है. उपाय: छह मुखी रुद्राक्ष लाभकारी है. मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की उपासना करें. शनि मंत्रों का जप करें. सुंदरकांड का पाठ करें. भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कुत्ता, कौवे को दें. खट्टा कम खाएं. घर और शरीर में साफ-सफाई रखें. फटे या उघड़ी सिलाई वाले कपड़े कभी न पहनें.
वृश्चिक राशि (Scorpio): हनुमान उपासना से मिलेगा बल
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं. राशि स्थान लिंग और गुदा है. उपाय: तीन मुखी रुद्राक्ष शुभ है. हनुमान जी की उपासना करें. हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण का पाठ करें. शिव जी की उपासना करें. गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करें. किसी से मुफ्त में चीजें न लें. भाई और पिता से झगड़ा न करें.
धनु राशि (Sagittarius): पीपल की सेवा से होगा कल्याण
धनु राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह गुरु हैं. राशि स्थान जांघ है. उपाय: पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करें. भगवान विष्णु या कृष्ण की उपासना करें. सूर्य को नियमित जल चढ़ाएं. बुधवार को गणेश जी की पूजा करें. झूठ बोलने से बचें. काले-नीले रंग के कपड़े न पहनें. पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं. रविवार छोड़कर नित्य पीपल के पेड़ की सेवा करें.
मकर राशि (Capricorn): शनि उपासना से मिलेगी शांति
मकर राशि पृथ्वी तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह शनि हैं. राशि स्थान दोनों घुटने हैं. उपाय: सात मुखी रुद्राक्ष लाभदायक है. शनि मंत्रों का जप करें. पीपल के पेड़ के नीचे शनि की मानसिक पूजा करें. भैरव जी की उपासना करें. हनुमान जी की पूजा करें. चींटी और कौवे को हर रोज कुछ दें. नेत्रहीन, शारीरिक रूप से असमर्थ या सफाई कर्मियों का कभी अपमान न करें.
कुंभ राशि (Aquarius): नाम राशि का भी है महत्व
कुंभ राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह शनि हैं. ध्यान रखें - जन्म राशि के अलावा नाम राशि का भी असर होता है. जिस नाम से आपको बुलाया जाता है, उसका भी प्रभाव पड़ता है. उपाय: सात मुखी रुद्राक्ष भाग्यशाली है. शनि देव की उपासना करें.
मीन राशि (Pisces): झूठ से बचें, सुखी रहें
मीन राशि जल तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं. आप अगर झूठ बोलेंगे तो अपने ही जाल में फंस जाएंगे. थोड़ी विपत्ति टालने के चक्कर में बड़ी विपत्ति मोल ले लेते हैं. उपाय: श्री राम की आराधना करें. हनुमान जी की पूजा करें. झूठ न बोलने की प्रतिज्ञा करें. अपने ज्ञान का घमंड न करें. पिता, दादा या गुरु का कभी अपमान न करें. नास्तिक विचार वालों से दूरी बनाए रखें.
देखें वीडियो
यूट्यूब पर कालचक्र प्रोग्राम की पूरी वीडियो को आप यहां देख सकते हैं:
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है.News24इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today: क्या आपने कभी सोचा कि मेष, वृषभ, मिथुन जैसी राशियां कहां से आईं? हिन्दू धर्म के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, हमारे ऋषि-मुनियों ने अंतरिक्ष का गहन अध्ययन किया. उन्होंने आकाश को 108 स्वरूपों में बाँटा, फिर चार-चार की समानता देखकर 27 नक्षत्र बनाए. हर नक्षत्र के नौ-नौ चरणों से एक आकार उभरा – पहला भेड़ का यानी मेष, दूसरा बैल का यानी वृषभ, तीसरा स्त्री-पुरुष का संयुक्त रूप यानी मिथुन और इसी क्रम से 12 राशियां बनीं. ज्योतिष शास्त्र के विद्वान पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि ज्योतिष कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि सुसंगठित ज्ञान है. अगर यह विज्ञान नहीं होता, तो हजारों साल पहले ऋषि सूर्य-चंद्र ग्रहण का सही समय कैसे बता पाते? उस समय न कोई वेधशाला थी, न टेलीस्कोप. फिर भी उनकी बातें शत-प्रतिशत सही होती थीं. यही है ज्योतिष की वैज्ञानिकता, जो अनजान को भी जान लेती है. इसी कड़ी में आज के कालचक्र प्रोग्राम मेंन लाए हैं 12 राशियों के लिए खास उपाय, जिन्हें अपनाकर आप धन, सुख, सम्मान और सफलता पा सकते हैं. पंडित सुरेश पांडेय जी की इन सलाहों को मानेंगे तो कभी पछताना नहीं पड़ेगा. आइए जानते हैं, आपकी राशि के लिए क्या है बेस्ट उपाय, चाहे वह रुद्राक्ष धारण हो, किसी देवी-देवता की उपासना हो या फिर कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव.
राशि अनुसार असरदार उपाय
मेष राशि (Aries): क्रोध पर काबू, सफलता की चाबी
मेष राशि वालों का स्वामी ग्रह मंगल है. आप क्षणिक क्रोध वाले होते हैं, खासकर भूख लगने पर. लेकिन दिल के बहुत साफ होते हैं. किसी के लिए बदले की भावना नहीं रखते. उपाय: हनुमान जी की पूजा करें. सूर्य को नियमित जल अर्पित करें. तीन मुखी या एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें. किसी से मुफ्त में उपहार न लें. भाई और पिता से विवाद न करें.
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वृषभ राशि (Taurus): शक्ति की उपासना से बनेगा भाग्य
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं. आप स्थिर स्वभाव के होते हैं और लग्जरी लाइफ में रुचि रखते हैं. आपका राशि स्थान मुख पर होता है. उपाय: छह मुखी रुद्राक्ष शुभ है. मां दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी या बगलामुखी की उपासना करें. शनिवार को शनि मंदिर में नमन करें. मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें. किसी से किया वादा जरूर निभाएं.
मिथुन राशि (Gemini): गणेश उपासना से खुलेगी राह
मिथुन राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह बुध है. आप कम बोलते हैं और संक्षिप्त जवाब देकर काम चला लेते हैं. नाक तोते की तरह मुड़ी हुई होती है. उपाय: चार मुखी रुद्राक्ष शुभ है. भगवान गणेश की उपासना करें. श्री हरि विष्णु की पूजा भी लाभदायक है. ज्यादा मसालेदार या मांसाहारी भोजन से बचें. घर में पंछी या मछली न पालें. मुख्य द्वार पर मनी प्लांट न लगाएं.
कर्क राशि जल तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह चंद्रमा है. आपमें नेतृत्व की अद्भुत क्षमता होती है. चेहरा चौकोर, माथा ऊंचा और स्वरूप आकर्षक होता है. उपाय: दो मुखी रुद्राक्ष लाभकारी है. भगवान शिव की उपासना करें. “ओम नमः शिवाय” का जप करें. हनुमान जी की पूजा भी करें. नित्य राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें. जल्दबाजी में विवाह न करें. धार्मिक स्थान पर नंगे पैर जाएं.
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सिंह राशि (Leo): ध्यान रखें दुश्मनी भली नहीं
सिंह राशि दुनिया की सबसे मैग्नेटिक राशि है. स्वामी ग्रह सूर्य है. आप तेजस्वी और प्रतिभाशाली हैं. लेकिन एक बात याद रखें – अगर किसी को दुश्मन बना लिया तो उसे भूलते नहीं. उपाय: एक मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ है. सूर्य को नियमित जल अर्पित करें. मां दुर्गा की उपासना करें.
कन्या राशि (Virgo): शरणागति से मिलेगी सफलता
कन्या राशि पृथ्वी तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह बुध है. आपको जीवन में अक्सर संघर्ष करना पड़ता है. उपाय: चार मुखी रुद्राक्ष धारण करें. मां दुर्गा की उपासना करें. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. गणेश जी की पूजा करें. राम रक्षा स्त्रोत या विष्णु सहस्त्रनाम का आश्रय लें.
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तुला राशि (Libra): साफ-सफाई रखें, दुर्भाग्य दूर भागे
तुला राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह शुक्र है. राशि स्थान मूत्राशय है. उपाय: छह मुखी रुद्राक्ष लाभकारी है. मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की उपासना करें. शनि मंत्रों का जप करें. सुंदरकांड का पाठ करें. भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कुत्ता, कौवे को दें. खट्टा कम खाएं. घर और शरीर में साफ-सफाई रखें. फटे या उघड़ी सिलाई वाले कपड़े कभी न पहनें.
वृश्चिक राशि (Scorpio): हनुमान उपासना से मिलेगा बल
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं. राशि स्थान लिंग और गुदा है. उपाय: तीन मुखी रुद्राक्ष शुभ है. हनुमान जी की उपासना करें. हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण का पाठ करें. शिव जी की उपासना करें. गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करें. किसी से मुफ्त में चीजें न लें. भाई और पिता से झगड़ा न करें.
धनु राशि (Sagittarius): पीपल की सेवा से होगा कल्याण
धनु राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह गुरु हैं. राशि स्थान जांघ है. उपाय: पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करें. भगवान विष्णु या कृष्ण की उपासना करें. सूर्य को नियमित जल चढ़ाएं. बुधवार को गणेश जी की पूजा करें. झूठ बोलने से बचें. काले-नीले रंग के कपड़े न पहनें. पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं. रविवार छोड़कर नित्य पीपल के पेड़ की सेवा करें.
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मकर राशि (Capricorn): शनि उपासना से मिलेगी शांति
मकर राशि पृथ्वी तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह शनि हैं. राशि स्थान दोनों घुटने हैं. उपाय: सात मुखी रुद्राक्ष लाभदायक है. शनि मंत्रों का जप करें. पीपल के पेड़ के नीचे शनि की मानसिक पूजा करें. भैरव जी की उपासना करें. हनुमान जी की पूजा करें. चींटी और कौवे को हर रोज कुछ दें. नेत्रहीन, शारीरिक रूप से असमर्थ या सफाई कर्मियों का कभी अपमान न करें.
कुंभ राशि (Aquarius): नाम राशि का भी है महत्व
कुंभ राशि वायु तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह शनि हैं. ध्यान रखें – जन्म राशि के अलावा नाम राशि का भी असर होता है. जिस नाम से आपको बुलाया जाता है, उसका भी प्रभाव पड़ता है. उपाय: सात मुखी रुद्राक्ष भाग्यशाली है. शनि देव की उपासना करें.
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मीन राशि (Pisces): झूठ से बचें, सुखी रहें
मीन राशि जल तत्व प्रधान है. स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं. आप अगर झूठ बोलेंगे तो अपने ही जाल में फंस जाएंगे. थोड़ी विपत्ति टालने के चक्कर में बड़ी विपत्ति मोल ले लेते हैं. उपाय: श्री राम की आराधना करें. हनुमान जी की पूजा करें. झूठ न बोलने की प्रतिज्ञा करें. अपने ज्ञान का घमंड न करें. पिता, दादा या गुरु का कभी अपमान न करें. नास्तिक विचार वालों से दूरी बनाए रखें.
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