Graphology Astrology Tips: 'हैंडराइटिंग' बदलते ही खुल सकते हैं इनकम के नए रास्ते, खुद लिखिए अपनी किस्मत

Graphology Astrology Tips: ज्योतिष के अनुसार, लिखावट का संबंध सोच, व्यक्तित्व और ग्रहों से है और हैंडराइटिंग में बदलाव से सफलता और इनकम के नए रास्ते खुल सकते हैं। आइए जानते हैं, हैंडराइटिंग बदलने से किस्मत पर क्या असर होता है?

Graphology-Astrology-Tips

Graphology Astrology Tips: न केवल हस्तरेखा शास्त्र बल्कि ज्योतिष शास्त्र में भी ग्राफोलॉजी यानी हस्तलेखन विज्ञान को बहुत महत्व दिया गया है। मान्यता है कि लिखने के तरीके, अक्षरों के कोण और उसका झुकाव और फैलाव सीधे तौर पर इंसान के अवचेतन मन और ग्रहों की स्थिति और प्रभाव से जुड़ा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लिखावट यानी हैंडराइटिंग में बदलाव कर ग्रहों को बली यानी स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है और जिससे सफलता और इनकम पाने के नए स्रोत खुल सकते हैं।

विज्ञापन

हैंडराइटिंग से ग्रहों का संबंध

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भांति-भांति के लिखावट यानी राइटिंग स्टाइल का ग्रहों पर भी अलग-अलग असर होते हैं:

विज्ञापन
  • साफ और सुंदर हैंडराइटिंग से कुंडली के बुध और बृहस्पति ग्रह मजबूत होते हैं, जिससे मानसिक अभियोग्यता, निर्णय लेने की शक्ति और विश्लेषण और तार्किक क्षमता बढ़ती है।
  • बहुत छोटे-छोटे अक्षरों वाली हैंडराइटिंग जीवन में शनि और बुध के असर को दिखाता है। ऐसे लोग काफी गंभीर और एकाग्र होते हैं। ये कभी-कभी संकीर्ण सोच के भी हो जाते हैं।
  • बड़े-बड़े अक्षरों में लेखन जीवन पर सूर्य और राहु का प्रभाव दर्शाता है, जिससे आत्मविश्वास की झलक मिलती है. लेकिन जब अक्षरों का फैलाव अत्यधिक बड़ा हो जाता है, तो यह अहंकार और दिखावे को बतलाता है।
  • कुछ लोग लिखने के दौरान काफी कांट-छांट कर देते हैं। इस तरह बार-बार शब्द काटना राहु और केतु के दोष को दर्शाता है। यह प्रायः मानसिक तनाव और भ्रम की सूचना देता है।
  • जिन लोगों की लिखावट में अक्षरों का झुकाव दायीं ओर होता है, वे लोग अक्सर कलाप्रेमी या कलाकार होते हैं। वहीं, जिनकी लिखावट बायीं ओर झुकी होती हैं, उनमें निराशा अधिक और सामाजिकता कम होती है।

यह भी पढ़ें: Color Astrology: कपड़ों का ‘कलर’ भी बदलता है किस्मत, जानें रंग ज्योतिष का रहस्य और राशि अनुसार लकी रंग

राइटिंग स्टाइल बदलती है किस्मत

इतिहास में ऐसी अनेक कहानियां और उदाहरण मिलते हैं कि राइटिंग स्टाइल बदलने के, यहां तक कि केवल सिग्नेचर यानी हस्ताक्षर बदलने से लोगों की किस्मत बदल गई, वे फर्श से अर्श पर पहुंच गए। जानिए, राइटिंग स्टाइल बदलकर ग्रहों को मजबूत करने के उपाय क्या हैं?

विज्ञापन
  • शब्दों के बीच समान दूरी रखकर स्पष्ट, सीधा और सुंदर लिखने से बुध ग्रह मजबूत होते हैं। इससे करियर-कारोबार में प्रगति होती है।
  • हल्का, सुडौल और कागज पर अधिक दवाब डालकर नहीं लिखने से सूर्य और बृहस्पति ग्रह मजबूत होते हैं और शुभ फल देते हैं। समाज में प्रतिष्ठा मिलती है।
  • हैंडराइटिंग के दौरान शब्दों को बार-बार ओवरराइट करने यानी कांट-छांट करने से बचकर जीवन में से राहु-केतु के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं।
  • हमेशा सीधी लाइन में लिखना, यहां तक कि बिना लाइन वाले पेपर पर सीधी लिखावट से शनि के प्रभाव को बैलेंस कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Grah ki Chaal: क्या ग्रहों की चाल का असर जानवरों पर भी पड़ता है, जानें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

आपका सिग्नेचर, आपकी किस्मत

जैसा कि ऊपर कहा गया है कि हस्ताक्षर में बदलाव किस्मत पलट देता है। ग्राफोलॉजी यानी हस्तलेखन विज्ञान के एक्सपर्ट बताते हैं कि अपने सिग्नेचर को कभी भी पीछे की तरफ नहीं काटना चाहिए। हस्ताक्षर के नीचे एक सीधी खींचकर उसे जरा सा ऊपर की ओर ले जाना भाग्य को मजबूत बनाता है। इससे सूर्य मजबूत होते हैं, जो समाज में मान-सम्मान दिलाते हैं।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ