Sunil Sharma
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Ashubh Yoga: हिंदू धर्म में जब भी कोई कार्य करना होता है तो उसके लिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है। शुभ मुहूर्त में सभी प्रकार के मांगलिक व धार्मिक कार्य किए जाते हैं। जबकि अशुभ मुहूर्त को यथासंभव टाला जाता है।
पंचांग के अनुसार मुहूर्त पांच कारकों (1) तिथि, (2) वार, (3) नक्षत्र, (4) योग और (5) करण से मिलकर बनता है। इनमें अलग-अलग तिथि, वार एवं नक्षत्र को अलग-अलग कार्यों के लिए शुभ माना गया है। इसी प्रकार सूर्य और चंद्रमा के बीच की विशेष निर्देशित दूरियों को योग कहा जाता है।
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शास्त्रों में कुल 27 योग बताए गए हैं। इनमें से अधिकतर शुभ ही माने गए हैं। परन्तु कुछ योग अशुभ भी हैं जिनमें समस्त प्रकार के शुभ कार्यों को करने की मनाही की गई है। ज्योतिषी एम. एस. लालपुरिया के अनुसार 9 योग (जिनके नाम विष्कुम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतिपात, परिध और वैधृति हैं) को यथासंभव टालना चाहिए। जानिए किस योग की क्या विशेषता है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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