जब भी दुनिया में कोई बड़ा और अनोखा काम होता है, तो चीन का नाम जरूर आता है। इस बार चीन ने एक ऐसा पुल बनाया है जो दुनिया का सबसे ऊंचा पुल बन गया है। यह पुल इतना बड़ा है कि अब एक घंटे का सफर लोग सिर्फ एक मिनट में कर पाएंगे। यह पुल दिखने में बहुत सुंदर है और इसे बनाना बहुत ही मुश्किल काम था। लेकिन चीन के इंजीनियरों ने इसे बहुत मेहनत से बना दिया। अब यह पुल लोगों के लिए सफर को आसान बनाएगा और देखने वालों को बहुत अच्छा लगेगा।
दुनिया का सबसे ऊंचा पुल तैयार, सफर अब मिनटों में
चीन बहुत जल्दी एक नया रिकॉर्ड बनाने वाला है। जून महीने में चीन एक बहुत ऊंचे पुल को आम लोगों के लिए खोलने जा रहा है। इस पुल का नाम Huajiang Grand Canyon Bridge है। यह पुल दुनिया का सबसे ऊंचा पुल होगा। यह पुल एक बहुत बड़ी घाटी पर बना है, जो लगभग दो मील लंबी है। पहले इस घाटी को पार करने में करीब 1 घंटे लगते थे, लेकिन अब इस पुल के कारण वही सफर सिर्फ 1 मिनट में पूरा हो जाएगा। इस पुल को बनाने में लगभग 216 मिलियन पाउंड यानी 2200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह पुल इतना ऊंचा है कि एफिल टॉवर से भी 200 मीटर ज्यादा ऊंचाई पर बना है। इतना ही नहीं इस पुल का वजन भी एफिल टॉवर से तीन गुना ज्यादा है। यह पुल इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना है और दुनिया भर के लोगों के लिए एक बड़ी हैरानी की बात है।
गुइझोउ को मिलेगा पर्यटन का नया केंद्र
यह पुल चीन के गुइझोउ प्रांत में बनाया गया है। यह इलाका पहाड़ों वाला और थोड़ा दूर-दराज है, जहां पहले यात्रा करना बहुत मुश्किल होता था। लेकिन अब इस नए पुल की वजह से लोगों का सफर बहुत आसान और जल्दी हो जाएगा। चीन के एक नेता झांग शेंगलिन ने कहा कि यह पुल धरती की गहरी दरार पर बना है और यह एक कमाल की इंजीनियरिंग है। इससे दुनिया को चीन की टेक्नोलॉजी और मेहनत का पता चलेगा। यह पुल सिर्फ सफर के लिए ही नहीं बल्कि पर्यटन (टूरिज्म) के लिए भी बहुत फायदेमंद होगा। अब दुनिया भर से लोग इस पुल को देखने आएंगे। इससे गुइझोउ इलाके को एक मशहूर टूरिस्ट जगह बनाने में मदद मिलेगी।
इंजीनियरिंग की मिसाल बना यह पुल
इस पुल को बनाने में 22,000 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। यह स्टील इतना भारी है कि इसका वजन तीन एफिल टावर के बराबर है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतना सारा स्टील सिर्फ दो महीने में लगा दिया गया। पुल के मुख्य इंजीनियर ली झाओ ने कहा, “जब मैंने देखा कि मेरा काम धीरे-धीरे हकीकत बन रहा है और आखिर में पुल घाटी के ऊपर खड़ा हो गया, तो मुझे बहुत गर्व और खुशी हुई।” यह पुल लगभग पूरी तरह हवा में लटका हुआ है, यानी इसे नीचे से बहुत कम सहारा मिला है। यही बात इसे और भी खास और अनोखा बना देती है।
टूरिज्म के लिए बनेगा अट्रैक्शन का केंद्र
यह पुल सिर्फ एक आम रास्ता नहीं है, बल्कि इसे एक बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन यानी घूमने की खास जगह बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इस पुल पर ग्लास वॉकवे (कांच की बनी पैदल पटरी), रहने की जगह और दुनिया का सबसे ऊंचा बंजी जंप भी बनाए जाएंगे। चीन पहले से ही अपने ऊंचे और अनोखे पुलों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। साल 2016 में चीन ने बेपानजियांग ब्रिज बनाया था, जो 1,854 फीट ऊंचा था। लेकिन अब Huajiang पुल इस रिकॉर्ड को भी तोड़ने जा रहा है। इस इलाके में दुनिया के 100 सबसे ऊंचे पुलों में से लगभग आधे चीन में ही हैं। इससे पता चलता है कि चीन अपने दूर-दराज इलाकों को शहरों से जोड़ने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है।