रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचने वाले हैं. नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन से पहले पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है. क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेताओं की मुलाकात 11 सितंबर को होगी. लेकिन इन सबके बीच राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है.
पुतिन के हर कदम पर कड़ी सुरक्षा
बता दें कि व्लादिमीर पुतिन साल 2000 से रूस की सत्ता के केंद्र में बने हुए हैं. उनका राजनीतिक सफर इतना लंबा रहा है कि सोवियत संघ के दौर के शासक जोसेफ स्टालिन के बाद क्रेमलिन में उनसे अधिक समय तक सत्ता में रहने वाला कोई अन्य नेता नहीं रहा. करीब 73 साल की उम्र में पुतिन का रूस के राष्ट्रपति के रूप में ये पांचवां कार्यकाल है. लंबे समय से सत्ता पर उनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके नेतृत्व को चुनौती देने वाली ताकतें बेहद कमजोर हो चुकी हैं. ऐसे में उनके 2036 तक सत्ता में बने रहने की संभावना भी जताई जा रही है.
पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था को दुनिया की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं में गिना जाता है. राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रम से लेकर निजी गतिविधियों तक, उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. ये अधिकारी 24 घंटे उनके आस-पास मौजूद रहकर हर खतरे पर नजर रखते हैं.
पुतिन के खाने की भी होती है जांच
BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन की सुरक्षा सिर्फ उनके आस-पास तैनात हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं है. उनके भोजन और पेय पदार्थों को लेकर भी बेहद सख्त प्रोटोकॉल अपनाया जाता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि उनका खाना खास तरीके से तैयार किया जाता है और पुतिन के लिए तैयार होने वाले पेय पदार्थ को भी पहले उनके करीबी सहयोगी चेक करते हैं.
कौन करता है पुतिन की सुरक्षा?
रूस में राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए विशेष तौर पर एक अलग सुरक्षा तंत्र काम करता है. इसे प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस (SBP) कहा जाता है. इसका मुख्य जिम्मा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ-साथ उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
SBP रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस (FSO) के अधीन काम करती है. FSO का संबंध उस सुरक्षा तंत्र से है जिसकी जड़ें सोवियत दौर की खुफिया एजेंसी KGB से जुड़ी रही हैं. पुतिन के आस-पास अक्सर काले सूट और ईयरपीस लगाए सुरक्षा अधिकारी नजर आते हैं. ये सुरक्षाकर्मी सार्वजनिक कार्यक्रमों से लेकर उनकी यात्राओं तक हर समय बेहद सतर्क रहते हैं.
रूस के सरकारी मीडिया Russia Beyond के मुताबिक, विदेश यात्राओं के दौरान पुतिन की सुरक्षा को कई स्तरों में बांटा जाता है. सबसे पहले घेरे में उनके निजी सुरक्षा अधिकारी होते हैं. इसके बाद ऐसे सुरक्षाकर्मियों की टीम रहती है, जिन पर आम लोगों की नजर आसानी से ना पड़े. सुरक्षा का अगला स्तर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भीड़ के आस-पास बनाया जाता है. इसका मकसद किसी संदिग्ध व्यक्ति को राष्ट्रपति के करीब पहुंचने से रोकना होता है. सबसे बाहरी स्तर पर आस-पास की ऊंची बिल्ड़िंगों पर स्नाइपर्स तैनात होते हैं.
यह भी पढ़ें- BRICS में आ रहे शी जिनपिंग, गलवान झड़प के बाद पहला भारत दौरा; PM मोदी के साथ हो सकती है द्विपक्षीय बैठक
नहीं होता है स्मार्टफोन का इस्तेमाल
पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक से दूरी को भी एक अहम रणनीति माना जाता है. क्रेमलिन के अंदर स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर सख्ती बरती जाती है और खुद रूसी राष्ट्रपति भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं. पुतिन ने साल 2020 में रूसी समाचार एजेंसी तास को दिए एक इंटरव्यू में इसे स्वीकार किया था. उन्होंने बताया था कि किसी व्यक्ति से संपर्क की जरूरत होने पर वह ऑफिशियल कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि पुतिन के पास मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का समय नहीं है. हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी वजह केवल व्यस्तता नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी हैं. पुतिन इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक गेजेस्ट पर भरोसा नहीं करते हैं.
संबंधित खबरें
अमेरिका के ओहायो में हिंदू मंदिर पर फेंके गए पत्थर, अंदर मौजूद थे श्रद्धालु-पुजारी, तोड़ी गईं खिड़कियां
8 hrs ago'इस्लामिक नाटो' का हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा फैसला, सऊदी अरब में तैनात होंगे 25000 पाकिस्तानी सैनिक
11 hrs agoपिता ओमानी, मां सीरियाई, अलकायदा समर्थक… कौन है स्मित मच्छार का हमलावर को-पायलट हमाम अल-हम्मामी?
12 hrs agoस्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कुवैत के झंडे वाले ऑयल टैंकर पर हमला, 5 भारतीय बचाए गए
14 hrs agoAaj Ki Taaza Khabar: वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ के कारण रोहतांग से मनाली तक ट्रैफिक जाम
16 hrs agoफ्लाईदुबई प्लेन में स्मित मच्छार पर हमला करने वाले पायलट की हुई पहचान, ओमान ने उस पर उड़ान भरने पर लगाया था बैन
17 hrs agoफ्लाईदुबई की घटना को UAE ने बताया 'टेररिस्ट एक्ट', राष्ट्रपति के सलाहकार ने की स्मित मच्छार की तारीफ
1 day agoयहूदियों की हत्या का समर्थन करता था ओमानी पायलट! स्मित मच्छार पर हमला करने वाले ने सोशल मीडिया पर किया था ऐसा पोस्ट
1 day agoखतरे में है कैलिफोर्निया! प्रशांत महासागर में पनप रहा है El Nino, तबाह हुआ समुद्र तट
1 day agoExplainer: दूसरे देश की फ्लाइट उड़ाने के क्या हैं नियम, कोई पाकिस्तानी पायलट भारत में उड़ा सकता है विमान?
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines