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दुनिया

कौन हैं तारिक रहमान? राजनीति में डेब्यू करते ही बनेंगे बांग्लादेश के नए ‘कैप्टन’

तारिक रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के शीर्ष नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं. सत्ता में रहते हुए विवादों से लेकर निर्वासन में रहकर पार्टी चलाने तक, जानिए उनकी पूरी प्रोफाइल.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 13, 2026 08:53
Tarique Rehman
Credit: Social Media

Bangladesh Election 2026:तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में शानदार जीत हासिल की है. ये बांग्लादेश की राजनीति का ऐसा नाम हैं, जिनका असर देश की सीमाओं से बाहर भी महसूस किया जाता है. वो प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चीफ हैं और दो बार देश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं. राजनीतिक विरासत, सत्ता का अनुभव और विवाद, तीनों ही उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं.

तारिक रहमान का राजनीतिक सफर

तारिक रहमान का जन्म 20 नवंबर 1965 को ढाका में हुआ. उनके पिता जियाउर रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति और सेना प्रमुख थे. ऐसे परिवार में जन्म लेने के कारण राजनीति उनके जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन गई. उन्होंने बांग्लादेश में ही पढ़ाई की और युवावस्था से ही पार्टी गतिविधियों में शामिल होने लगे. 1990 के दशक में तारिक रहमान ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा. 2001 में जब BNP सत्ता में आई, तब उनकी भूमिका अचानक बेहद अहम हो गई. वो औपचारिक रूप से किसी बड़े सरकारी पद पर नहीं थे, लेकिन पार्टी और सरकार दोनों में उनका प्रभाव साफ दिखता था.

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विवाद और आरोप

2001 से 2006 का कार्यकाल उनके लिए सबसे विवादित रहा. इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक हिंसा के कई आरोप लगे. 2004 में आवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी उनका नाम सामने आया, जिसमें बाद में उन्हें सजा सुनाई गई. 2007 में बांग्लादेश में आपातकाल लागू हुआ. उसी दौरान तारिक रहमान को गिरफ्तार किया गया और कई मामलों में मुकदमे चले. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर 2008 में वो इलाज के लिए लंदन चले गए. इसके बाद से वो बांग्लादेश वापस नहीं लौटे और आज भी ब्रिटेन में रहकर राजनीति कर रहे हैं.

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निर्वासन में रहकर पार्टी का नेतृत्व

लंदन में रहते हुए भी तारिक रहमान BNP के सबसे ताकतवर नेता बने रहे. वो ऑनलाइन बैठकों, वीडियो संदेशों और रणनीतिक निर्देशों के जरिए पार्टी को कंट्रोल करते हैं. चुनाव रणनीति से लेकर आंदोलन तक, हर बड़ा फैसला उनकी सहमति से होता है. उनके समर्थक उन्हें लोकतंत्र की बहाली का प्रतीक मानते हैं और कहते हैं कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से उन्हें निशाना बना रही है. वहीं, विरोधी उन्हें भ्रष्टाचार और हिंसा का जिम्मेदार ठहराते हैं. यही वजह है कि तारिक रहमान बांग्लादेश की राजनीति के सबसे ज्यादा बहस वाले नेताओं में गिने जाते हैं.

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First published on: Feb 13, 2026 07:20 AM

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