Bangladesh Election News: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में दिवंगत खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान सियासत के धुरंधर साबित हुए हैं। हालांकि वे 17 साल बाद देश लौटे और सियासत में पांव रखे, लेकिन पहली पारी में ही उन्होंने जो धुंआधार बल्लेबाजी की है, उसे देखकर कह सकते हैं कि तारिक को राजनीति के गुर विरासत में मिला है। पहली ही पारी में तारिक रहमान दोनों सीटों से चुनाव जीत गए हैं और अब देश के प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं।
तारिक रहमान ने जीत लीं दोनों सीटें
बता दें कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान ने 2 सीटों ढाका-17 और बोगुरा-6 से चुनाव लड़ा था और वे दोनों सीटें जीत गए हैं। 17 साल बाद निर्वासन में रहने के बाद वे भारत लौटे और सियासत में पांव रखा। वहीं पहली ही पारी में मिली जीत उनके और पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है। पहली ही पारी में उनका मुकाबला जमात-ए-इस्लामी से हुआ, लेकिन उनके नेतृत्व में BNP सरकार बनाने की ओर और वे प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं।
BNP मीडिया सेल के मेंबर शायरुल कबीर खान ने मीडिया को बताया कि ढाका-17 सीट के अंतर्गत गुलशन, बारिदारा, बनानी और कैंटनमेंट इलाके आते हैं और इस सीट से तारिक ने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार एसएम खालिकुज्जमान को हराया है। वहीं बोगुरा-6 सीट यानी बोगुरा सदर में भी तारिक ने जमात के उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुर रहमान को हराया है. पहला चुनाव है, जिसमें शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग गायब रही और उसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हुआ।
पत्नी-बेटी के साथ तारिक ने डाला वोट
बता देंकि तारिक रहमान ने गुरुवार सुबह ढाका के गुलशन मॉडल हाई स्कूल एंड कॉलेज में बने पोलिंग बूथ पर वोट डाला था। इस दौरान उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान ने भी मतदान किया था। तारिक रहमान साल 2008 से लंदन में थे और दिसंबर 2025 में उनकी मां खालिदा जिया का देहांत हुआ था, जिसके बाद वे पार्टी की बागडोर संभालने के लिए बांग्लादेश लौट आए, जिसका फायदा हुआ और वे देश में सरकार बनाएंगे।