---विज्ञापन---

दुनिया

नेपाल की संसद में गूंजेगी 17 मातृभाषा, 47 सांसद मैथिली और भोजपुरी समेत इन भाषाओं में लेंगे शपथ

नेपाल के संसदीय इतिहास में 26 मार्च का दिन बेहद खास होने जा रहा है. नवनिर्वाचित प्रतिनिधि सभा के 274 सदस्य शपथ लेने के लिए तैयार हैं. लेकिन इस बार का समारोह अपनी भाषाई विविधता के लिए चर्चा में है. सांसद सचिवालय के मुताबिक, 47 सांसदों ने नेपाली भाषा के बजाय अपनी 17 मातृभाषाओं में शपथ लेने का फैसला किया है.

Author
Edited By : Versha Singh Updated: Mar 25, 2026 15:48

नेपाल के संसदीय इतिहास में 26 मार्च का दिन बेहद खास होने जा रहा है. नवनिर्वाचित प्रतिनिधि सभा के 274 सदस्य शपथ लेने के लिए तैयार हैं. लेकिन इस बार का समारोह अपनी भाषाई विविधता के लिए चर्चा में है. सांसद सचिवालय के मुताबिक, 47 सांसदों ने नेपाली भाषा के बजाय अपनी 17 मातृभाषाओं में शपथ लेने का फैसला किया है.

शपथ ग्रहण समारोह की प्रक्रिया बुधवार से ही शुरू हो गई है. वहीं, नेपाली मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाली कांग्रेस के दिग्गज नेता और सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी ने आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से शपथ ली. अब संवैधानिक परंपरा के अनुसार, केसी खुद गुरुवार दोपहर 2 बजे संसद के बाकी 274 सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. नियम के अनुसार, सदन या फिर किसी समिति की बैठक में हिस्सा लेने से पहले हर सदस्य को शपथ लेना अनिवार्य है.

---विज्ञापन---

17 भाषाओं में गूंजेगी शपथ

संसद में इस बार कुल 17 भाषाओं में शपथ समारोह होगा. सबसे ज्यादा 14 सांसदों ने मैथिली भाषा को चुना है, जिसमें मनीष झा, मातृका प्रसाद यादव और अंकिता ठाकुर जैसे नाम शामिल हैं. इनके अलावा थारू भाषा में 7 सांसद और भोजपुरी में सांसद शपथ लेंगे. संसद में भाषाई विविधता का रंग तब और गहरा दिखाई देगा जब खुशबू ओली संस्कृत में पद की शपथ लेंगी. इसके अलावा अन्य सांसद बजिका, डोटेली, मगही, अवधी, बांतावा, तामांग और चामलिंग जैसी अपनी-अपनी मातृभाषाओं को चुना है.

कई बड़े चेहरे लेंगे शपथ

हर्क संपांग के नेतृत्व वाली श्रम संस्कृति पार्टी के सात सांसद चार अलग-अलग मातृभाषाओं में शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि, पार्टी अध्यक्ष हर्क संपांग खुद नेपाली भाषा में ही शपथ लेंगे. इसके अलावा विराज भक्त श्रेष्ठ और मदन कृष्ण श्रेष्ठ जैसे कई चर्चित चेहरों ने नेपानी भाषा में ही शपथ लेने का फैसला किया है.

---विज्ञापन---

बता दें कि नेपाल के संविधान में एक बात स्पष्ट है कि अगर कोई सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेना चाहता है तो उसे निर्धारित समय के भीतर सचिवालय को सूचित करना होता है. इस पहल को नेपाल को नेपाल की बहु-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है.

First published on: Mar 25, 2026 03:48 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.