Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

ईरान की सीक्रेट डिप्लोमेसी या मजबूरी? कौन हैं मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, क्या अमेरिका से क्रैक कर पाएंगे डील

Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरान ने अमेरिका से शांति वार्ता के लिए संसद के स्पीकर गालिबाफ को ही क्यों भेजा? क्या वे अमेरिका से डील कर पाएंगे, तेहरान के लिए समझौता कर पाएंगे? कौन हैं गालिबाफ और ईरान की सियासत में उनका कद कितना ऊंचा है, आइए जानते हैं...

Author
Edited By : Khushbu Goyal Updated: Apr 11, 2026 14:14
Mohammad Bagher Ghalibaf
मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

Who is Mohammad Bagher Ghalibaf: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है। दोनों प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद शहर के सील कर दिया गया है और पूरा शहर छावनी बना हुआ है। इस बीच चर्चा यह है कि ईरान के तरह से आने वाले गालिबाफ कौन हैं और इन्हें ही क्यों भेजा गया अमेरिका से बात करने के लिए? क्या वे अमेरिका से डील कर पाएंगे?

US-ईरान के बीच शांति वार्ता हुई फेल तो क्या होगा? डोनाल्ड ट्रंप ने बताया बैकअप प्लान

---विज्ञापन---

ईरान की संसद के स्पीकर हैं बाघेर गालिबाफ

बता दें कि गालिबाफ ईरान की संसद यानी मजलिस के स्पीकर है, यानी वे ईरान की सरकार की मजबूत आवाज हैं। वे 1997 में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर थे। 2005 में तेहरान के मेयर बने थे और 12 साल तक पद पर रहे थे। वे मोजतबा खामेनेई के करीबी लोगों में से एक हैं। साल 2000 में वे पुलिस चीफ बने थे। साल 2020 से वे ईरान की संसद के स्पीकर हैं। 1982 में ईराक के कब्जे से खुर्रम शहर को छुड़वाने में इन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। वे 3 बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीत हासिल नहीं हुई। साल 2017 में इन्होंने चुनाव से नाम वापस लेकर इब्राहिम रईसी को समर्थन दिया था।

ईरान अब चाहकर भी नहीं खोल पाएगा होर्मुज स्ट्रेट? IRGC पर लगा बारूद बिछाकर लोकेशन भूलने का आरोप

---विज्ञापन---

अराघची और गालिबाफ ही अनुभवी नेता बचे

बता दें कि ईरान के पास विदेश मंत्री अब्बास अराघची और बाघेर गालिबाफ ही ऑप्शन बचे हैं, जो अमेरिका के साथ शांति वार्ता करने आए हैं। क्योंकि अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनकी जगह उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाया गया, लेकिन वे कहां हैं? इस बारे में किसी को पता नहीं है और न ही वे सार्वजनिक रूप से जनता के सामने आते हैं। युद्ध में ईरान के कई बड़े दिग्गज नेता और कमांडर ढेर हो चुके हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियान संवैधानिक पद पर होने के नाते किसी भी तरह के डेलिगेशन को लीड नहीं कर सकते।

First published on: Apr 11, 2026 01:01 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.