US Iran War Ceasefire Islamabad Talk : ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ है. जिसके चलते ही ईरान के कुछ बड़े अधिकारी, जिनमें तेहरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं, अमेरिका के साथ संघर्ष-विराम पर बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं.
अमेरिका के मुख्य वार्ताकार और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले कहा था, ‘अगर ईरानी सद्भावना के साथ बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से उनकी ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने को तैयार हैं.’
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि पूरे देश में इजरायली हमलों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 357 हो गई है. मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है, क्योंकि अभी भी और पीड़ितों के शव मिल रहे हैं और उनकी पहचान की जा रही है.
अमेरिका में मौजूद लेबनान और इजरायल के राजदूतों ने फोन पर बातचीत की. दोनों देशों के बीच यह पहला सीधा संपर्क बताया जा रहा है. अगले हफ्ते अमेरिका में संघर्ष-विराम पर बातचीत होने की उम्मीद है.
बातचीत में कौन-कौन शामिल हैं?
ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और विशेष सलाहकार जेरेड कुशनर, और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं.
इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ, जो हाल ही में सरकार के एक प्रमुख चेहरे के तौर पर उभरे हैं और विदेश मंत्री अब्बास अराघची, बातचीत से पहले ही आधी रात को वहां पहुंच गए थे.
पाकिस्तान का क्या रोल है?
दोनों पक्षों का स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और पाकिस्तान के मिलिट्री चीफ असीम मुनीर ने किया. यह देश दो लड़ते हुए देशों के बीच एक अहम बिचौलिया है, और इसने दो हफ्तों के नाजुक सीजफायर को पक्का करने में अहम भूमिका निभाईल है.
बातचीत कब तक चलेगी?
दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत कब तक चलेगी, अभी इसे लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है. तस्नीम न्यूज एजेंसी, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी है, रिपोर्ट करती है कि यह बातचीत एक दिन के लिए तय है.