अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका का ईरान में चल रहा सैन्य अभियान इराक युद्ध जैसा नहीं है और ना ही ये कोई अनंत युद्ध है. उन्होंने ये भी साफ किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान में सरकार बदलना नहीं है. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने पेंटागन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ये इराक नहीं है. ये एक सीमित और तय उद्देश्य वाला अभियान है, अमेरिका किसी लंबे युद्ध में फंसने नहीं जा रहा. उनका कहना था कि इस ऑपरेशन का मकसद केवल अमेरिकी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना है.
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क्या है अमेरिका का असली उद्देश्य?
पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई किसी देश पर कब्जा करने या उसकी राजनीति बदलने के लिए नहीं है. उनके मुताबिक, अमेरिका ने ये युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन अगर उसकी सुरक्षा पर खतरा आया तो वो कड़ा जवाब जरूर देगा. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका अपने पुराने अनुभवों से सीख चुका है और इस बार रणनीति पूरी तरह अलग है.
इराक युद्ध से तुलना क्यों हो रही है?
दरअसल, इराक युद्ध कई सालों तक चला था और उसमें अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इसी वजह से दुनिया भर में ये सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान में भी वही स्थिति बनेगी. लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ये ऑपरेशन सीमित समय और सीमित लक्ष्य के लिए है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब अनंत युद्धों की नीति में विश्वास नहीं करता. अभी तक अमेरिका ने साफ किया है कि जमीनी सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है. फिलहाल कार्रवाई हवाई और तकनीकी माध्यमों तक सीमित है. हालांकि, हालात बिगड़ने पर रणनीति में बदलाव से इनकार भी नहीं किया गया है.
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका का ईरान में चल रहा सैन्य अभियान इराक युद्ध जैसा नहीं है और ना ही ये कोई अनंत युद्ध है. उन्होंने ये भी साफ किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान में सरकार बदलना नहीं है. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने पेंटागन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ये इराक नहीं है. ये एक सीमित और तय उद्देश्य वाला अभियान है, अमेरिका किसी लंबे युद्ध में फंसने नहीं जा रहा. उनका कहना था कि इस ऑपरेशन का मकसद केवल अमेरिकी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना है.
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क्या है अमेरिका का असली उद्देश्य?
पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई किसी देश पर कब्जा करने या उसकी राजनीति बदलने के लिए नहीं है. उनके मुताबिक, अमेरिका ने ये युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन अगर उसकी सुरक्षा पर खतरा आया तो वो कड़ा जवाब जरूर देगा. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका अपने पुराने अनुभवों से सीख चुका है और इस बार रणनीति पूरी तरह अलग है.
इराक युद्ध से तुलना क्यों हो रही है?
दरअसल, इराक युद्ध कई सालों तक चला था और उसमें अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इसी वजह से दुनिया भर में ये सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान में भी वही स्थिति बनेगी. लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ये ऑपरेशन सीमित समय और सीमित लक्ष्य के लिए है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब अनंत युद्धों की नीति में विश्वास नहीं करता. अभी तक अमेरिका ने साफ किया है कि जमीनी सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है. फिलहाल कार्रवाई हवाई और तकनीकी माध्यमों तक सीमित है. हालांकि, हालात बिगड़ने पर रणनीति में बदलाव से इनकार भी नहीं किया गया है.
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