इबोला वायरस का प्रकोप झेल रहे अफ्रीका पर अब आतंकी मौत बनकर टूटे हैं। अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। आतंकियों के एक गुट ने डियोरी हमानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाईजैक कर लिया था। हमला स्थानीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 11 बजे किया गया। जवाबी कार्रवाई में नाइजर सेना के 11 जवान और 2 आम नागरिक मारे गए। वहीं जवानों ने 22 हमलावरों को ढेर कर दिया और 20 संदिग्धों को गिरफ्तार करके एयरपोर्ट को आतंकियों से छुड़ा लिया। आतंकी हमले की जिम्मेदारी अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठन ने ली है।
रक्षा मंत्रालय ने की आतंकी हमले की पुष्टि
बता दें कि जनवरी 2026 में भी इस एयरपोर्ट पर आतंकी हमला हुआ था। इस्लामिक स्टेट के सहयोगी आतंकी समूह ने हमला किया था और एयरपोर्ट के कॉम्प्लेक्स को हाईजैक किया था, लेकिन इस बार आतंकियों ने पूरे एयरपोर्ट को निशाना बनाया है। नाइजर के रक्षा मंत्रालय ने आतंकी हमले की पुष्टि की और बताया कि आतंकियों के हमले में हमने अपने सैनिक खोए हैं, लेकिन आतंकियों को ढेर करके एयरपोर्ट और लोगों को उनके कब्जे से आजाद करा लिया है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, यानी वे बड़ी साजिश रचकर आए थे।
एयरपोर्ट में नाइजर का यूरेनियम स्टॉक
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नियामी एयरपोर्ट नाइजर का सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां पर जी5 सोहेल काउंटर-टेररिज्म फोर्स, रूसी सैनिक और ड्रोन यूनिट तैनात रहती हैं। वहीं इस एयरपोर्ट पर यूरेनियम स्टॉक भी रखा है। शक है कि आतंकियों ने यूरेनियम पर कब्जा करने के लिए आतंकी हमला किया, लेकिन नाइजर सेना और पुलिस ने उनके मंसूबे को नाकाम कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने एयरपोट्र में धमाके किए और फायरिंग करके दहशत फैलाई। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी करके एयरपोर्ट आने-जाने वाले रास्तों को सील कर दिया और आतंकियों को मार गिराया।
जनवरी में हमले के बाद बढ़ी थी सुरक्षा
जनवरी महीने में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपने सहयोगी संगठन से एयरपोर्ट पर मौजूद नाइजर के ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाकर हमला कराया था। उसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। यहां नाइजर वायुसेना का बेस है। इसके अलावा नाइजर, बुर्किना फासो और माली के सैन्य बल का संयुक्त मुख्यालय भी है। जनवरी के हमले के बाद सैन्य अधिकारियों ने एयरपोर्ट के आस-पास बसी अवैध बस्तियों को ध्वस्त करना शुरू किया था, क्योंकि इनमें आतंकवादियों की घुसपैठ होने का खतरा था। एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए दीवार बनाकर 350 से ज्यादा सुरक्षा कैमरे लगाए गए थे।
इबोला वायरस का प्रकोप झेल रहे अफ्रीका पर अब आतंकी मौत बनकर टूटे हैं। अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। आतंकियों के एक गुट ने डियोरी हमानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाईजैक कर लिया था। हमला स्थानीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 11 बजे किया गया। जवाबी कार्रवाई में नाइजर सेना के 11 जवान और 2 आम नागरिक मारे गए। वहीं जवानों ने 22 हमलावरों को ढेर कर दिया और 20 संदिग्धों को गिरफ्तार करके एयरपोर्ट को आतंकियों से छुड़ा लिया। आतंकी हमले की जिम्मेदारी अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठन ने ली है।
रक्षा मंत्रालय ने की आतंकी हमले की पुष्टि
बता दें कि जनवरी 2026 में भी इस एयरपोर्ट पर आतंकी हमला हुआ था। इस्लामिक स्टेट के सहयोगी आतंकी समूह ने हमला किया था और एयरपोर्ट के कॉम्प्लेक्स को हाईजैक किया था, लेकिन इस बार आतंकियों ने पूरे एयरपोर्ट को निशाना बनाया है। नाइजर के रक्षा मंत्रालय ने आतंकी हमले की पुष्टि की और बताया कि आतंकियों के हमले में हमने अपने सैनिक खोए हैं, लेकिन आतंकियों को ढेर करके एयरपोर्ट और लोगों को उनके कब्जे से आजाद करा लिया है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, यानी वे बड़ी साजिश रचकर आए थे।
एयरपोर्ट में नाइजर का यूरेनियम स्टॉक
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नियामी एयरपोर्ट नाइजर का सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां पर जी5 सोहेल काउंटर-टेररिज्म फोर्स, रूसी सैनिक और ड्रोन यूनिट तैनात रहती हैं। वहीं इस एयरपोर्ट पर यूरेनियम स्टॉक भी रखा है। शक है कि आतंकियों ने यूरेनियम पर कब्जा करने के लिए आतंकी हमला किया, लेकिन नाइजर सेना और पुलिस ने उनके मंसूबे को नाकाम कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने एयरपोट्र में धमाके किए और फायरिंग करके दहशत फैलाई। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी करके एयरपोर्ट आने-जाने वाले रास्तों को सील कर दिया और आतंकियों को मार गिराया।
जनवरी में हमले के बाद बढ़ी थी सुरक्षा
जनवरी महीने में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपने सहयोगी संगठन से एयरपोर्ट पर मौजूद नाइजर के ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाकर हमला कराया था। उसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। यहां नाइजर वायुसेना का बेस है। इसके अलावा नाइजर, बुर्किना फासो और माली के सैन्य बल का संयुक्त मुख्यालय भी है। जनवरी के हमले के बाद सैन्य अधिकारियों ने एयरपोर्ट के आस-पास बसी अवैध बस्तियों को ध्वस्त करना शुरू किया था, क्योंकि इनमें आतंकवादियों की घुसपैठ होने का खतरा था। एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए दीवार बनाकर 350 से ज्यादा सुरक्षा कैमरे लगाए गए थे।