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दुनिया

अब सऊदी के भरोसे शहबाज सरकार! पाकिस्तान ने रियाद से मांगे 10 अरब डॉलर

आर्थिक बदहाली के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब से 10 अरब डॉलर की मदद मांगी है. इसमें पुराने कर्ज को चुकाने के लिए 10 साल की मोहलत और तेल सुविधा बढ़ाना शामिल है.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 10, 2026 08:48

भयानक आर्थिक तंगी और मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर सऊदी अरब से मदद की गुहार लगाई है. सोमवार को सामने आई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद ने रियाद से कई तरह की वित्तीय सहायताओं का अनुरोध किया है. पाकिस्तान चाहता है कि सऊदी अरब उसके पास जमा 5 अरब डॉलर की मौजूदा अल्पकालिक राशि को 10 साल के लिए दीर्घकालिक कर्ज में बदल दे. इसके अलावा पाकिस्तान ने स्थगित भुगतान के आधार पर मिलने वाली तेल सुविधा को भी 1.2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने की मांग की है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि अमरीका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध से पैदा हुए तनाव ने पाकिस्तान की आर्थिक परेशानियों को और ज्यादा बढ़ा दिया है.

आईएमएफ और विदेशी मुद्रा का संकट

पाकिस्तान इस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ 7 अरब डॉलर के राहत पैकेज की तीसरी समीक्षा पूरी करने के लिए बातचीत कर रहा है. आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब के सामने आठ प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं. इसमें स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में जमा सऊदी राशि को कम ब्याज दरों पर लंबे समय के लिए ऋण में बदलना शामिल है. पाकिस्तान को उम्मीद है कि अगर सऊदी अरब भुगतान की अवधि एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर देता है, तो उसे अपनी गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए थोड़ा और वक्त मिल जाएगा.

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यह भी पढ़ें: ईरान जंग से हिला पाकिस्तान! शहबाज शरीफ ने मंत्रियों की सैलरी रोकी, इफ्तार पार्टियों पर लगा बैन

प्रवासी धन और बॉन्ड पर नई योजना

विदेशी कर्ज के बोझ को कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक अनोखा प्रस्ताव भी पेश किया है. पाकिस्तान चाहता है कि विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा भेजे गए लगभग 10 अरब डॉलर के धन का प्रतिभूतिकरण (सिक्योरिटाइजेशन) किया जाए. इससे पाकिस्तान को महंगे विदेशी कर्ज पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही पाकिस्तान ने सऊदी अरब से अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक बॉन्ड (सुकुक) जारी करने के लिए गारंटी देने की भी अपील की है. अगर सऊदी अरब गारंटी देता है, तो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बाजार से बहुत कम ब्याज दरों पर मोटी पूंजी जुटा सकेगा जिससे देश के खजाने को बड़ी राहत मिल सकती है.

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निवेश और व्यापार के लिए लगाई गुहार

पाकिस्तान ने केवल कर्ज ही नही बल्कि निवेश के लिए भी सऊदी अरब से एक्सिम ऋण लाइन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. इस्लामाबाद ने सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष (PIF) से अपील की है कि वह पाकिस्तान में निवेश के नए अवसर तलाशे. इसके अलावा आयात से जुड़े लेनदेन के लिए बैंक गारंटी की अनिवार्यता खत्म करने पर भी विचार करने को कहा गया है. हालांकि इन आठ बड़े अनुरोधों पर सऊदी अरब की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नही आई है. पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय और स्टेट बैंक ने भी फिलहाल इस संवेदनशील मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन देश की आर्थिक हालत देखते हुए यह साफ है कि बिना सऊदी की मदद के पाकिस्तान का टिक पाना नामुमकिन है.

First published on: Mar 10, 2026 07:29 AM

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