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मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं? इराक को मैसेज और ट्रंप के ‘मौत’ वाले दावे के बीच गहराया सस्पेंस

ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान का मिलिट्री लीडरशिप और डिफेंस स्ट्रेक्चर पूरी तरह तबाह हो चुका है. साथ ही उन्होंने कहा था कि मोजतबा खामेनेई की लंबी चुप्पी बताती है कि वह अब जिंदा नहीं हैं.

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने युद्ध के दौरान तेहरान का समर्थन करने के लिए इराकी लोगों और देश के धार्मिक नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया है. यह जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स में सामने आई है. इस मैसेज के बाद मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बार फिर चर्चा होने लगी कि वह जिंदा हैं या नहीं, अगर जिंदा हैं तो कहां हैं.

ट्रंप के दावे के बीच सस्पेंस

रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन में या तो मर चुके हैं या वह गंभीर रूप से जख्मी हैं. ट्रंप के इस दावे के कुछ घंटे बाद ही ये रिपोर्ट सामने आई, जिसके बाद उनके बारे में चर्चा और ज्यादा होने लगी.

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ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान का मिलिट्री लीडरशिप और डिफेंस स्ट्रेक्चर पूरी तरह तबाह हो चुका है. साथ ही उन्होंने कहा था कि मोजतबा खामेनेई की लंबी चुप्पी बताती है कि वह अब जिंदा नहीं हैं.

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ट्रंप ने क्या कहा था?

ट्रंप ने कहा था, ‘उनके नेता मर चुके हैं. उनके सुप्रीम लीडर अब सुप्रीम नहीं रहे. वह मर चुके हैं. उनके बेटा या तो मर चुके हैं या बहुत खराब स्थिति में है, क्योंकि किसी ने उसके बारे में नहीं सुना है. मुझे लगता है कि वह कह रहे हैं कि बस मुझे इससे बाहर रखो.’

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हालांकि, तेहरान ने उनकी स्थिति को लेकर कोई सबूत नहीं दिया है. उनके ईराक को भेजे गए ताजा संदेश को लेकर भी नहीं बताया कि ये मैसेज कैसे भेजा गया.

नियुक्ति के बाद से नहीं आए सामने

अमेरिकी-इजरायली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को 9 मार्च को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया था. लेकिन नियुक्ति के बाद वह एक बार भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए. अब तक उनके नाम से जारी सभी बयान लिखित रूप में जारी किए गए हैं और सरकारी टीवी चैनलों के एंकरों ने उन मैसेज को पढ़ा है.

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ऐसे में मोजतबा को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं कि क्या वे छिपे हुए हैं, गंभीर रूप से जख्मी हैं, या सुरक्षा कारणों से जानबूझकर सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं.

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First published on: Mar 30, 2026 04:16 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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