मिडिल ईस्ट में अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच ईरान में आंतरिक राजनीतिक विद्रोह हुआ है. जिसके चलते ईरान में फिर से सत्ता परिवर्तन के हालात बन गए हैं. ईरान के कट्टरपंथी नेताओं ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची और राष्ट्रपति पेजेशकियान पर 'सॉफ्ट कूप' और धोखे से तख्तापलट के गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपों के चलते हाल ही में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे में विदेश मंत्री पर पथराव भी हुआ था. यह आंतरिक विवाद अमेरिका के साथ संघर्ष विराम समझौते के कारण उपजा है. जिससे देश की राजनीति में भूचाल आ गया है और ऊंट किस करवट बैठेगा, अभी कह नहीं सकते.
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सियासी गलियारों में तख्तापलट होने की अटकलें
मिडिल ईस्ट में 4 महीने से के संघर्ष के बाद हुए शांति समझौता हुआ, लेकिन शांति समझौते पर विवाद हुआ और अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग छिड़ गई. इस बीच ईरान के कट्टरपंथियों ने अपने देश की सरकार के टॉप लीडर्स पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं, जिससे सरकार में बगावत छिड़ गई है. वहीं ईरान के सियासी गलियारों में फिर से तख्तापलट होने की अटकलें शुरू हो गई हैं. कट्टरपंथी अब अमेरिका के साथ युद्ध को तेज करने की मांग भी कर रहे हैं. कट्टरपंथियों को दावा किया है कि सरकार के टॉप लीडर्स ने इस्लामिक क्रांति के मूल सिद्धांतों और सर्वोच्च नेतृत्व के निर्देशों से समझौता किया है.
खामेनेई के जनाजे में विदेश मंत्री पर पथराव
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सरकार के टॉप लीडर्स के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई. खोमनेई के जनाजे में राष्ट्रपति पेजेशकियान के खिलाफ कट्टरपंथियों की उग्र भीड़ ने समझौतावादी मुर्दाबाद के नारे लगाए थे. विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर पथराव किया और उन्हें देशद्रोही, गद्दार और बिकाऊ तक कहा था. हालात देख अराघची अपनी जान बचाकर मौके से भाग गए थे. सरकार समर्थक कट्टरपंथी धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने राष्ट्रपति को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि शर्तें पूरी नहीं हुईं तो हमारे हाथ में ब्लेड होगा और सामने आपका गला होगा.
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अमेरिका के हाथों की कठपुतली बनने का आरोप
ईरान के कट्टरपंथी धड़े 'जेभ-ए-पायदारी' का आरोप है कि सरकार के टॉप लीडर्स नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की गैर- मौजूदगी का फायदा उठा रहे हैं. राष्ट्रपति पेजेशकियान, विदेश मंत्री अराघची, संसद के स्पीकर गालिबाफ खुद को सरकार समझ रहे हैं और अमेरिका के हाथों की कठपुतली बन हुए हैं. कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट लिखकर देशवासियों को चेतावनी जारी की है. इसमें उन्होंने लिखा कि ईरान के लोगों के लिए चेतावनी, लेकिन एक सवाल है कि क्या देश में कोई तख्तापलट होने वाला है? मौजूदा सरकार ने हालात ही ऐसे बना दिए हैं.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच ईरान में आंतरिक राजनीतिक विद्रोह हुआ है. जिसके चलते ईरान में फिर से सत्ता परिवर्तन के हालात बन गए हैं. ईरान के कट्टरपंथी नेताओं ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची और राष्ट्रपति पेजेशकियान पर ‘सॉफ्ट कूप’ और धोखे से तख्तापलट के गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपों के चलते हाल ही में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे में विदेश मंत्री पर पथराव भी हुआ था. यह आंतरिक विवाद अमेरिका के साथ संघर्ष विराम समझौते के कारण उपजा है. जिससे देश की राजनीति में भूचाल आ गया है और ऊंट किस करवट बैठेगा, अभी कह नहीं सकते.
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सियासी गलियारों में तख्तापलट होने की अटकलें
मिडिल ईस्ट में 4 महीने से के संघर्ष के बाद हुए शांति समझौता हुआ, लेकिन शांति समझौते पर विवाद हुआ और अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग छिड़ गई. इस बीच ईरान के कट्टरपंथियों ने अपने देश की सरकार के टॉप लीडर्स पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं, जिससे सरकार में बगावत छिड़ गई है. वहीं ईरान के सियासी गलियारों में फिर से तख्तापलट होने की अटकलें शुरू हो गई हैं. कट्टरपंथी अब अमेरिका के साथ युद्ध को तेज करने की मांग भी कर रहे हैं. कट्टरपंथियों को दावा किया है कि सरकार के टॉप लीडर्स ने इस्लामिक क्रांति के मूल सिद्धांतों और सर्वोच्च नेतृत्व के निर्देशों से समझौता किया है.
खामेनेई के जनाजे में विदेश मंत्री पर पथराव
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सरकार के टॉप लीडर्स के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई. खोमनेई के जनाजे में राष्ट्रपति पेजेशकियान के खिलाफ कट्टरपंथियों की उग्र भीड़ ने समझौतावादी मुर्दाबाद के नारे लगाए थे. विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर पथराव किया और उन्हें देशद्रोही, गद्दार और बिकाऊ तक कहा था. हालात देख अराघची अपनी जान बचाकर मौके से भाग गए थे. सरकार समर्थक कट्टरपंथी धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने राष्ट्रपति को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि शर्तें पूरी नहीं हुईं तो हमारे हाथ में ब्लेड होगा और सामने आपका गला होगा.
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अमेरिका के हाथों की कठपुतली बनने का आरोप
ईरान के कट्टरपंथी धड़े ‘जेभ-ए-पायदारी’ का आरोप है कि सरकार के टॉप लीडर्स नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की गैर- मौजूदगी का फायदा उठा रहे हैं. राष्ट्रपति पेजेशकियान, विदेश मंत्री अराघची, संसद के स्पीकर गालिबाफ खुद को सरकार समझ रहे हैं और अमेरिका के हाथों की कठपुतली बन हुए हैं. कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट लिखकर देशवासियों को चेतावनी जारी की है. इसमें उन्होंने लिखा कि ईरान के लोगों के लिए चेतावनी, लेकिन एक सवाल है कि क्या देश में कोई तख्तापलट होने वाला है? मौजूदा सरकार ने हालात ही ऐसे बना दिए हैं.