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दुनिया

कतर का एयरस्पेस बंद, इंडिगो और आकासा एयर ने रद्द की खाड़ी देशों की उड़ानें

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के चलते कतर का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है. इसके चलते इंडिगो और आकासा एयर ने खाड़ी देशों की अपनी तमाम उड़ानें 7 मार्च तक रद्द कर दी हैं.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 2, 2026 15:17

मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध के संकट को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस कंपनियों ने खाड़ी देशों के लिए अपनी सेवाएं रोक दी हैं. आकासा एयर ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि 3 मार्च 2026 को अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद से आने-जाने वाली सभी उड़ानें निलंबित रहेंगी. कंपनी ने 7 मार्च तक की बुकिंग वाले यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रीशेड्यूल करने या पूरा रिफंड लेने की सुविधा दी है. वहीं इंडिगो ने भी एहतियात बरतते हुए मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इंडिगो ने 28 फरवरी तक बुक किए गए टिकटों पर 7 मार्च तक पूरी छूट और रिफंड देने का ऐलान किया है ताकि यात्रियों को इस संकट के समय में परेशानी न हो.

कतर का हवाई क्षेत्र बंद और कतर एयरवेज का फैसला

युद्ध की आग फैलने के बाद कतर ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया है. कतर एयरवेज ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अगले आदेश तक उनकी सभी उड़ानें स्थगित रहेंगी. एयरलाइन ने कहा है कि जब तक कतरी एयरस्पेस सुरक्षित रूप से दोबारा नहीं खुल जाता, तब तक परिचालन शुरू करना संभव नहीं है. इस स्थिति पर अगला अपडेट 3 मार्च को दोहा समय के अनुसार सुबह 9 बजे जारी किया जाएगा. हवाई क्षेत्र बंद होने से कतर के रास्ते सफर करने वाले हजारों अंतरराष्ट्रीय यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फंस गए हैं. इस फैसले से यूरोप और एशिया के बीच होने वाला हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

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हवाई यात्रा पर युद्ध का साया और यात्रियों की चिंता

मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक विमानन क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है. युद्ध के कारण हवाई रास्तों में लगातार हो रहे बदलावों से उड़ानों का समय बढ़ गया है और ईंधन का खर्च भी बढ़ रहा है. सुरक्षा कारणों से विमान कंपनियां जोखिम भरे इलाकों से गुजरने से बच रही हैं, जिससे टिकटों की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका है. एयरलाइंस कंपनियां स्थिति पर करीब से नजर रख रही हैं और बदलती परिस्थितियों के हिसाब से अपने ऑपरेशन को रीशेड्यूल कर रही हैं. खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है क्योंकि उनकी घर वापसी और यात्रा की योजनाएं पूरी तरह अनिश्चित हो गई हैं.

First published on: Mar 02, 2026 02:46 PM

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