प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं. बिश्केक हवाई अड्डे पर उतरने के बाद किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन और राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बिश्केक में प्रधानमंत्री के कदम रखते ही वहां मौजूद भारतीय छात्रों, प्रोफेशनल्स और स्थानीय प्रवासियों के चेहरे खिल उठे. लोगों के हाथों में तिरंगा था और चेहरे पर अपने देश के प्रधानमंत्री से मिलने की बेताबी. प्रवासी भारतीयों का यह स्नेह और उत्साह साफ दिखा रहा था कि वे अपने वतन और प्रधानमंत्री के प्रति कितना गहरा लगाव और गर्व महसूस करते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी 1 सितंबर को आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. बिश्केक में अपनी 2 दिन की यात्रा के दौरान वे SCO सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. इसके साथ ही वे सदस्य देशों के प्रमुखों के साथ अहम द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे.
भारतीय छात्रों में दिखा खास जोश
किर्गिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर छात्रों में गजब का जोश नजर आया. कई छात्रों ने कहा कि वे पीएम मोदी से आमने-सामने मिलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इस यात्रा से पूरे भारतीय समुदाय का मनोबल बढ़ा है.
ताशकंद में शास्त्री जी को नमन, लगाया पौधा
किर्गिस्तान रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. विदेश मंत्रालय के अनुसार, शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देश को प्रेरित करता है.
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ मिलकर राष्ट्रपति भवन के बगीचे में एक पौधा लगाया. यह पहल भारत के ‘एक पेड़ मां के नाम’ और उज्बेकिस्तान के ‘यशिल माकोन’ हरित अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के साझा संकल्प को दर्शाती है.
उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा रहा खास
प्रधानमंत्री शनिवार को उज्बेकिस्तान पहुंचे थे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ था. इस दौरान उन्होंने योग फेडरेशन के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया. यह प्रधानमंत्री के रूप में उनका उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा था.