मिडिल ईस्ट में जंग का आज 25वां दिन है। हमलों के बीच एक चर्चा चली कि ईरान और अमेरिका में सीज फायर के लिए पाकिस्तान में शांति बैठक होगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट ने भी बताया कि विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही इस्लामाबाद में बैठक हो सकती है। अमेरिका प्रतिनिधि मंडल इस्लामाबाद आ सकता है। हालांकि अब पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट हो गई है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट से बात की। कैरोलिन से पूछा कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, शांति मिशन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और व्यवसायी तथा अमेरिका के राष्ट्रपति के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर इस सप्ताह इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
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इस पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने जवाब दिया कि ये संवेदनशील राजनयिक चर्चाएं हैं। अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा। यह एक परिवर्तनशील स्थिति है, और बैठकों के बारे में अटकलों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा औपचारिक रूप से इसकी घोषणा नहीं कर दी जाती।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक बैठक की तैयारी चल रही है, जिसमें गलीबाफ ईरान का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष में विटकॉफ, कुशनर और संभवतः वाइस प्रेसिडेंट JD वेंस शामिल हो सकते हैं. ट्रंप ने दावा किया है कि बातचीत में ‘लगभग सभी पॉइंट्स’ पर सहमति बन रही है और कुछ दिनों में डील हो सकती है. ईरान ने सार्वजनिक रूप से इनकार किया है, लेकिन इजरायली सूत्रों ने पुष्टि की है कि संपर्क चल रहे हैं. ट्रंप की ये कोशिश न सिर्फ US-ईरान-इजरायल तनाव को कम करने, बल्कि हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में स्थिरता लाने और ग्लोबल मार्केट्स को राहत देने की दिशा में है.










