अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हवाई सुरक्षा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल फुटेज में राष्ट्रपति को ले जा रहा सैन्य हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' वॉशिंगटन के हवाई क्षेत्र में एक यात्री विमान के बेहद करीब उड़ता हुआ दिखाई देता है. रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच की दूरी एक मील से भी कम बताई जा रही है.
हालांकि, इस घटना को लेकर व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा किसी भी समय खतरे में नहीं थी और सभी उड़ानें स्थापित सुरक्षा मानकों के तहत संचालित हुईं.
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मरीन वन के ऊपर से निकला यात्री विमान
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि मंगलवार दोपहर ट्रंप का मरीन वन हेलिकॉप्टर रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था. इसी दौरान अमेरिकी राजधानी के ऊपर एक यात्री विमान भी उसी हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था और दोनों के बीच की दूरी एक मील से कम थी.
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भी मरीन वन के ऊपर से एक कमर्शियल विमान उड़ता हुआ नजर आता है. इस दृश्य ने राष्ट्रपति की हवाई सुरक्षा व्यवस्था और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
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वहीं, 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ट्रंप का हेलिकॉप्टर उस समय व्हाइट हाउस से रवाना हुआ, जब रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट पर नियमित वाणिज्यिक उड़ानें जारी थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ऐसी स्थिति में इन उड़ानों को अस्थायी रूप से रोका जाना चाहिए था.
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
वायरल वीडियो में वॉशिंगटन डीसी के एयरस्पेस का हवाई दृश्य दिखाई देता है. फुटेज के अनुसार, मरीन वन के उसी मार्ग से गुजरने से कुछ क्षण पहले एक कमर्शियल विमान ऊपर से उड़ता हुआ नजर आता है. हालांकि, अब तक अधिकारियों ने किसी सुरक्षा उल्लंघन या दुर्घटना की आशंका की पुष्टि नहीं की है.
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मामले की जांच कर रहीं एजेंसियां
घटना के बाद नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने जांच शुरू कर दी है. बोर्ड ने बताया कि वह 4 अगस्त को वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट (DCA) से उड़ान भरने वाले एक वाणिज्यिक विमान और राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' के बीच सुरक्षित दूरी कम होने (Loss of Separation) के मामले की जांच कर रहा है.
इस बीच, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने समाचार एजेंसी AFP से कहा कि मरीन वन का संचालन दुनिया के सबसे अनुभवी और प्रशिक्षित पायलटों द्वारा किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी उड़ान के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा पर किसी भी तरह का खतरा नहीं था.
वहीं, अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस समय दोनों विमानों के बीच दूरी कम हुई, उस दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल लगातार कमर्शियल विमान के पायलट और मरीन वन के चालक दल के संपर्क में था.
एफएए ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था. एजेंसी ने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अगर आवश्यकता हुई तो सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे.
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घटना के पीछे क्या रही वजह?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस मामले में विमानों के बीच निर्धारित 'स्टैंडर्ड सेपरेशन' यानी न्यूनतम सुरक्षित दूरी के नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया होगा. एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का यह नियम हवाई क्षेत्र में विमानों के बीच सुरक्षित अंतर बनाए रखने के लिए लागू किया जाता है.
संघीय विमानन नियमों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में दो विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज दूरी और 500 फीट की Vertical दूरी बनाए रखना आवश्यक होता है, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके.