टैरिफ की वसूली पर ट्रंप का नया फैसला, कंपनियों को लौटाए 100 अरब डॉलर, जानें भारत को क्या होगा फायदा?

अमेरिका ने वसूला गया टैरिफ लौटाना शुरू कर दिया है और 166 अरब डॉलर में से 100 अरब डॉलर लौटा दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार देकर वसूला गया टैरिफ लौटाने का आदेश दिया था. अप्रैल 2025 से अब तक राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया पर कई बार टैरिफ लगा चुके हैं.

Trump tariffs

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया था.

अमेरिका ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले देशों से वसूले गए टैरिफ के रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है. डोनाल्ड ट्रंप सरकार को करीब 166 अरब डॉलर का टैरिफ लौटाना है, जिसमें से 100 अरब डॉलर का टैरिफ 31 जुलाई तक रिफंड कर दिया गया है. ट्रंप सरकार ने IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से करीब 130 अरब डॉलर की कमाई की थी. अमेरिका के लिए विदेशों से सामान मंगाने पर यह टैक्स लगाया गया था, लेकिन अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी करार देकर रद्द किया.

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कंपनियों-कारोबारियों के खाते में आने लगा पैसा

सुप्रीम कोर्ट ने मैक्सिको, कनाडा और चीन के सामान पर लगाए गए टैरिफ को खत्म करने का आदेश भी दिया. ट्रंप सरकार को वसूले गए टैरिफ को लौटाने का निर्देश भी दिया. इसी निर्देश पर अमल करते हुए ट्रंप सरकार ने टैरिफ रिफंड करना शुरू कर दिया है और कंपनियों से लेकर छोटे कारोबारियों तक के बैंक अकाउंट में टैरिफ का रिफंड पहुंचने लगा है. कंपनियां ने रिफंड को संजीवनी बताया है, जिसका इस्तेमाल वे अपनी कंपनी की ग्रोथ के लिए करेंगे और इनवेस्टमेंट करके रिफंड कमाएंगी.

किन कंपनियों को मिल चुका टैरिफ का रिफंड?

बता दें कि कई बड़ी कंपनियों का टैरिफ रिफंड हुआ है. एप्पल कंपनी को करीब 2.2 अरब डॉलर का रिफंड मिला है. अमेजॉन कंपनी को उन देशों में रिफंड मिलेगा, जहां टैरिफ के चलते ग्राहकों से ज्यादा पैसा वसूला गया था. एप्पल कंपनी रिफंड के पैसे का इस्तेमाल नए इन्वेस्टमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में करेगी. इनके अलावा वालमार्ट और कॉस्टको को भी रिफंड मिला है, जिसके चलते कंपनियों अपने प्रोडक्ट्स के रेट घटा सकती हैं. ज्यादातर कंपनियां रिफंड से अपने कारोबार को मजबूत कर सकती हैं.

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भारतीय कंपनियों को कैसे-कितना हो फायदा?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय कंपनियों को पूरा रिफंड मिल सकता है. इनमें सिएट, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, CNH इंडिया और गोकलदास एक्सपोर्ट्स जैसी कंपनियां शामिल हैं. हालांकि ट्रंप सरकार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक भारत से टैरिफ नहीं मिला था, लेकिन ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, 166 अरब डॉलर के रिफंड में 10 से 12 अरब डॉलर का सामान टैरिफ लागू रहने के दौरान अमेरिका को सप्लाई किया गया था, जिसमें राहत मिल सकती है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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