इमरान खान के बेटे के UN में दिए बयान पर भड़की शहबाज सरकार, कासिम खान को बताया पाकिस्तान विरोधी

इमरान खान के बेटे कासिम खान के UN बयान पर पाकिस्तान सरकार भड़क गई है. कासिम खान ने अपने भाषण में अपने पिता को जेल में बंद किए जाने को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन शहबाज सरकार ने इसे पाकिस्तान विरोधी बताया है.

Pakistan Shehbaz Sharif Govt Targets Imran Khan’s Son Kasim Khan

Credit: News24

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पाकिस्तान की राजनीति में एक बार उथल पुथल जारी है. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान के संयुक्त राष्ट्र(UN) में दिए गए बयान को लेकर पाकिस्तान सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शहबाज सरकार का आरोप है कि कासिम खान और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) नेता जुल्फी बुखारी के बयान देश विरोधी हैं और इससे पाकिस्तान के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर यूरोपीय संघ के जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेस प्लस (GSP+) व्यापार दर्जे को लेकर. इस दर्जे के तहत पाकिस्तान को निर्यात पर कम टैरिफ का फायदा मिलता है. दरअसल, कासिम खान ने हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघनों का मुद्दा उठाया. उन्होंने अपने पिता की गिरफ्तारी और जेल में उनके हालात पर गंभीर सवाल खड़े किए.

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कासिम ने और क्या कहा?

कासिम ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान ने GSP+ समझौते के तहत जिन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का पालन करने का वादा किया था, उनका उल्लंघन किया जा रहा है. उन्होंने अपने पिता की हिरासत, मेडिकल सुविधाओं की कमी और परिवार से मिलने पर रोक जैसे मुद्दों को उठाया. कासिम खान ने बुधवार को 61वें सत्र में अपने संबोधन में UN से अपील की है कि वो पाकिस्तान सरकार पर उनके पिता की तत्काल रिहाई के लिए दबाव डाले. हालांकि, उनके बयान के बाद पाकिस्तान के कुछ नेताओं ने ये दावा किया कि कासिम खान ने पाकिस्तान का GSP+ दर्जा खत्म करने की मांग की है. लेकिन बाद में खुद कासिम खान ने और कई रिपोर्ट्स में ये साफ किया गया कि उन्होंने ऐसी कोई डायरेक्ट डिमांड नहीं की थी. इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार और कुछ राजनीतिक वर्गों ने उनके बयान की आलोचना की है. सरकार ने इसे पाकिस्तानी विरोधी बताते हुए कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिए गए बयान देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और इससे विदेशी व्यापार पर भी असर पड़ सकता है.

पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है GSP+

PTI के प्रवक्ता शेख वकास अकरम ने कहा कि कासिम खान और जुल्फी बुखारी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जिससे पाकिस्तान को नुकसान पहुंचे. उन्होंने कहा कि कासिम के बयान का लाइव टेलीकास्ट हुआ था, जिसमें कहीं भी GSP+ का कोई जिक्र नहीं हुआ है. दरअसल, GSP+ दर्जा पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तहत यूरोपीय बाजार में उसे विशेष व्यापारिक रियायतें मिलती हैं. ऐसे में इस मुद्दे पर कोई भी विवाद आर्थिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है. आपको बता दें कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनकी गिरफ्तारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जाती रही है. उनके समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है.

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Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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