Protest Against Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनों ने ही घेर लिया और वे अपने ही घर में विरोध का शिकार हो गए हैं। क्योंकि उनके खिलाफ अमेरिका में ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। हजारों लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं और इन लोगों ने ट्रंप के खिलाफ 'नो किंग्स' प्रोटेस्ट शुरू हो गया है। अमेरिका के करीब 50 शहरों में ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए और नारेबाजी की गई। लोग ट्रंप की नीतियों , बढ़ती महंगाई और ईरान के खिलाफ युद्ध् से नाराज हैं।
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हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिन अमेरिका में लोगों ने नो किंग्स विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। प्रमुख शहरों में विशाल मार्च निकाले गए। छोटी-छोटी सभाएं करके ट्रंप की नीतियों की आलोचना की गई। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों राज्यों में रैली और मार्च आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाकर, तख्तियां लहराकर और नाच-गाकर ट्रंप के खिलाफ गुस्सा दिखाया। ट्रंप सरकार से ईरान के खिलाफ जंग रोकने की मांग की, ताकि देश में महंगाई कम हो।
कहीं मार्च निकाला गया तो कहीं रैली की गई
बता दें कि न्यूयॉर्क शहर में, प्रदर्शनकारियों ने मिडटाउन मैनहट्टन में मार्च निकाला, जिसमें इमिग्रेशन पॉलिसी, ट्रंप सरकार की नीतियों और ईरान के साथ संघर्ष का विरोध करते हुए बैनर लहराए गए। सैन फ्रांसिस्को में एम्बार्केडेरो प्लाजा में बड़ी संख्या में लोग जुटे और सिविक सेंटर प्लाजा की तक मार्च निकाला , जिसमें अमेरिकी झंडे और यूक्रेनी लोगों एवं ट्रांसजेंडरों के अधिकारों समेतत कई मुद्दों को उठाया गया। मिनिसोटा के सेंट पॉल में एक बड़ी रैली की गई, जिसमें रॉक लीजेंड ब्रूस स्प्रिंगस्टीन आए।
इमिग्रेशन पॉलिसी वापस लेने की मांग उठी
ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने एलेक्स प्रीटी और रेनी गुड को श्रद्धांजलि दी, जिनकी इस साल जनवरी में इमिग्रेशन एजेंटों के द्वारा हत्या कर दी गई थी। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने भी इमिग्रेशन पॉलिसी और कार्रवाइयों पर चिंता जताई। इमिग्रेशन पॉलिस वापस लेने की मांग करते हुए अपने समुदायों के लिए खड़े होने के लिए लोगों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में बैठे तानाशाह बनने की चाह रखने वाले ने अपने गुंडों को मिनेसोटा को नुकसान पहुंचाने के लिए भेजा, लेकिन ऐसा होने नहीं देंगे।
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ट्रंप के समर्थकों से प्रदर्शनकारियों की झड़प
विरोध प्रदर्शनों के बीच ही फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच पर ट्रंप के करीब 50 समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मौखिक बहस की, जिसके चलते इलाके में तनाव फैल गया था। बता दें कि पिछले एक साल में तीसरी बार ट्रंपके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ताजा विरोध प्रदर्शन आर्थिक चुनौतियों और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हैं। अगर इसी तरह देश की जनता का आक्रोश बढ़ता रहा तो राष्ट्रपति ट्रंप इस साल होने वाले मिड टर्म इलेक्शन हार सकते हैं, पद भी गंवाना पड़ सकता है।
Protest Against Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनों ने ही घेर लिया और वे अपने ही घर में विरोध का शिकार हो गए हैं। क्योंकि उनके खिलाफ अमेरिका में ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। हजारों लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं और इन लोगों ने ट्रंप के खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रोटेस्ट शुरू हो गया है। अमेरिका के करीब 50 शहरों में ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए और नारेबाजी की गई। लोग ट्रंप की नीतियों , बढ़ती महंगाई और ईरान के खिलाफ युद्ध् से नाराज हैं।
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हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिन अमेरिका में लोगों ने नो किंग्स विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। प्रमुख शहरों में विशाल मार्च निकाले गए। छोटी-छोटी सभाएं करके ट्रंप की नीतियों की आलोचना की गई। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों राज्यों में रैली और मार्च आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाकर, तख्तियां लहराकर और नाच-गाकर ट्रंप के खिलाफ गुस्सा दिखाया। ट्रंप सरकार से ईरान के खिलाफ जंग रोकने की मांग की, ताकि देश में महंगाई कम हो।
कहीं मार्च निकाला गया तो कहीं रैली की गई
बता दें कि न्यूयॉर्क शहर में, प्रदर्शनकारियों ने मिडटाउन मैनहट्टन में मार्च निकाला, जिसमें इमिग्रेशन पॉलिसी, ट्रंप सरकार की नीतियों और ईरान के साथ संघर्ष का विरोध करते हुए बैनर लहराए गए। सैन फ्रांसिस्को में एम्बार्केडेरो प्लाजा में बड़ी संख्या में लोग जुटे और सिविक सेंटर प्लाजा की तक मार्च निकाला , जिसमें अमेरिकी झंडे और यूक्रेनी लोगों एवं ट्रांसजेंडरों के अधिकारों समेतत कई मुद्दों को उठाया गया। मिनिसोटा के सेंट पॉल में एक बड़ी रैली की गई, जिसमें रॉक लीजेंड ब्रूस स्प्रिंगस्टीन आए।
इमिग्रेशन पॉलिसी वापस लेने की मांग उठी
ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने एलेक्स प्रीटी और रेनी गुड को श्रद्धांजलि दी, जिनकी इस साल जनवरी में इमिग्रेशन एजेंटों के द्वारा हत्या कर दी गई थी। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने भी इमिग्रेशन पॉलिसी और कार्रवाइयों पर चिंता जताई। इमिग्रेशन पॉलिस वापस लेने की मांग करते हुए अपने समुदायों के लिए खड़े होने के लिए लोगों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में बैठे तानाशाह बनने की चाह रखने वाले ने अपने गुंडों को मिनेसोटा को नुकसान पहुंचाने के लिए भेजा, लेकिन ऐसा होने नहीं देंगे।
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विरोध प्रदर्शनों के बीच ही फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच पर ट्रंप के करीब 50 समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मौखिक बहस की, जिसके चलते इलाके में तनाव फैल गया था। बता दें कि पिछले एक साल में तीसरी बार ट्रंपके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ताजा विरोध प्रदर्शन आर्थिक चुनौतियों और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हैं। अगर इसी तरह देश की जनता का आक्रोश बढ़ता रहा तो राष्ट्रपति ट्रंप इस साल होने वाले मिड टर्म इलेक्शन हार सकते हैं, पद भी गंवाना पड़ सकता है।