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पाकिस्तान में गरीबी से हाहाकार, गांवों और शहरों में 25 करोड़ लोग झेल रहे भूखमरी-कंगाली, पढ़ें SPDC की रिपोर्ट

Pakistan Poverty Rate: कंगाल पाकिस्तान और ज्यादा कंगाल हो गया है। पाकिस्तान में गरीबी की दर और ज्यादा बढ़ गई है। सरकारी रिपोर्ट में गरीबी की दरों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

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Poverty in Pakistan: भारत के दुश्मन और पड़ोसी देश पाकिस्तान में गरीबी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। एक ओर लोग गरीबी और भूखमरी का शिकार हैं। दूसरी ओर, शहबाज शरीफ सरकार कंगाल है। साल 2025 में पाकिस्तान ने IMF से लाखों करोड़ का कर्ज लिया था, बावजूद इसके पाकिस्तान में गरीबी की दर बढ़कर 43.5 प्रतिशत हो गई। देश के सामाजिक नीति और विकास केंद्र (SPDC) की रिपोर्ट में गरीबी की दरों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

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शहरों और गांवों में गरीबी दर कितनी‌?

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में गरीबी की दर बढ़कर 43.5 प्रतिशत हो गई है, जो पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) और योजना आयोग के द्वारा अनुमानित 28.9 प्रतिशत गरीबी दर की तुलना में 14.6 प्रतिशत ज्यादा है। गरीबों की संख्या में भी शहरों में ज्यादा बढ़ी है। शहरों में गरीबी की दर 32.1 प्रतिशत से बढ़कर 42.1 प्रतिशत हो गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में दर 39.3 प्रतिशत से बढ़कर 44.3 प्रतिशत हो गई है। राष्ट्रीय गरीबी दर 2018-19 में 36.6 प्रतिशत थी, जो साल 2024-25 में बढ़कर 43.5 प्रतिशत हो गई है, यानी अब करीब 27 मिलियन (25 करोड़) लोग गरीब हैं।

दोनों संगठनों की जांच पद्धति अलग

SDPC के अनुसार, PBS ने मूलभूत आवश्यकताओं की लागत को काउंट करके उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर गरीबी दर निकाली, लेकिन इस तरीके से अक्सर कम आय वाले परिवारों के लिए लागत को कम आंका जाता है। स्वास्थ्य देखभाल और पीने के साफ पानी तक पहुंच जैसे आवश्यक खर्चों की अनदेखी की जाती है। जबकि SDPC खाद्य ऊर्जा सेवन पद्धति का इस्तेमाल करती है, जिसमें घरेलू खर्चों को काउंट करके मिनिमम कैलोरी को आधार बनाया जाता है।

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घरेलू एकीकृत आर्थिक सर्वेक्षण (HIS) 2024-25 के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट में बढ़ती आय असमानता को गरीबी दर बढ़ने का जिम्मेदार ठहराया। इसलिए शहरी गरीबी को दूर करना जरूरी है। इसके लिए आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच की स्थिति में सुधार करने और आय असमानता को कम करने की जरूरत है।

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First published on: Mar 29, 2026 06:44 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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