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ईरान को मिटाने का खौफनाक प्लान! व्हाइट हाउस में क्यों हुई ट्रंप की इमरजेंसी मीटिंग?

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान पर जल्द निर्णायक सैन्य प्रहार और सत्ता परिवर्तन का ऐलान किया है. ट्रंप भी तेहरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए व्हाइट हाउस में इमरजेंसी मीटिंग कर रहे हैं.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 3, 2026 10:15

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ईरान के खिलाफ आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है. नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जल्द और बेहद निर्णायक होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष को सालों तक खींचने की कोई योजना नहीं है और यह कोई अंतहीन युद्ध नहीं होगा. इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान में ऐसी परिस्थितियां बना रहे हैं जिससे वहां सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो सके. नेतन्याहू का मानना है कि शासन बदलने की अंतिम जिम्मेदारी ईरान की जनता की है और यह सैन्य एक्शन उन्हें अपने दमनकारी शासन से मुक्ति दिलाने में सक्षम बनाएगा.

मिडिल ईस्ट में बड़ी कूटनीतिक जीत

इजरायल इस सैन्य कार्रवाई को केवल युद्ध के नजरिए से नहीं बल्कि मिडिल ईस्ट में एक बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देख रहा है. नेतन्याहू ने इशारा किया है कि ईरान के सैन्य ढांचे को ध्वस्त करने से सऊदी अरब और इजरायल के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. इजरायल का तर्क है कि ईरान का कमजोर होना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी है जिससे सऊदी अरब जैसे पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे. यह सैन्य कदम पूरे क्षेत्र के राजनीतिक नक्शे को बदलने और ईरान के प्रभाव को जड़ से खत्म करने की एक बड़ी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

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व्हाइट हाउस में ट्रंप की बड़ी बैठक

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रंप मंगलवार दोपहर 2 बजे अपने वित्त और ऊर्जा सचिवों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं. इस मीटिंग का मकसद ईरान के खिलाफ आर्थिक और ऊर्जा संबंधी कड़े फैसले लेना है ताकि तेहरान की कमर पूरी तरह तोड़ी जा सके. अमेरिका कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर इजरायल के साथ तालमेल बिठाकर चल रहा है. इस बैठक से निकलने वाले फैसले तय करेंगे कि ईरान पर ग्लोबल पाबंदियों का अगला स्वरूप कितना सख्त होगा और वैश्विक तेल बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा.

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ईरान पर त्वरित कार्रवाई और भविष्य की रणनीति

नेतन्याहू ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इजरायल लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे संसाधनों का नुकसान होता है. उनकी रणनीति त्वरित और सटीक हमलों के जरिए ईरान के मुख्य ठिकानों को पंगु बनाने की है. इजरायल और अमेरिका के बीच इस मिशन को लेकर गहरी सहमति बन चुकी है कि ईरान को अब और वक्त नहीं दिया जा सकता. यह सैन्य ऑपरेशन कुछ समय तक जारी रह सकता है लेकिन इसका प्रभाव दशकों तक रहने वाला है. कुल मिलाकर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की घेराबंदी कर ली है और अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और ट्रंप की बैठक के नतीजों पर टिकी हैं.

First published on: Mar 03, 2026 10:01 AM

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