इजराइल और अमेरिका के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब आम मुसाफिरों पर दिखने लगा है. मंगलवार रात करीब दो बजे दुबई से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची एक फ्लाइट से आए यात्री अजय ने वहां के खौफनाक हालात बयां किए हैं. अजय ने बताया कि वे मुंबई से हैदराबाद होते हुए दुबई पहुंचे थे और वहां से उन्हें अमेरिका जाना था. वे अपनी अगली फ्लाइट में बैठ भी चुके थे लेकिन विमान ने उड़ान नहीं भरी. पहले तकनीकी खराबी का बहाना बनाया गया लेकिन 7-8 घंटे बीतने के बाद बताया गया कि युद्ध शुरू हो गया है और एयरस्पेस बंद है. इसके बाद एयरपोर्ट पर भगदड़ मच गई और हजारों यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
होटल के लिए दर-दर भटके और सुनी बमों की गूंज
युद्ध के ऐलान के बाद दुबई एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. अजय के मुताबिक अमीरात की बसों ने यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर निकाला लेकिन होटलों में जगह न होने के कारण उन्हें पूरी रात सड़कों पर भटकना पड़ा. करीब 10-12 घंटे की जद्दोजहद के बाद उन्हें ठहरने की जगह मिली. इस दौरान उन्होंने अपनी आंखों से बुर्ज खलीफा के आसपास धुंए का गुबार देखा और बमों के धमाकों की डरावनी आवाजें सुनीं. प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सभी पर्यटकों को सख्त हिदायत दी थी कि वे होटलों से बाहर न निकलें और कमरे की खिड़कियों के पास भी खड़े न हों ताकि किसी भी हवाई हमले की चपेट में आने से बचा जा सके.
बिना खाने के कमरों में कैद रहे सहमे हुए मुसाफिर
दुबई में फंसे यात्रियों के लिए वे दो दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं थे. अजय ने बताया कि वे बिना लंच किए कई घंटों तक अपने कमरों में कैद रहे और उन्हें बाहरी दुनिया की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी. होटलों में भारी भीड़ होने के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि जगह न मिलने पर लोग लॉबी और फर्श पर ही लेटे हुए थे. हर तरफ अफसोस और डर का माहौल था क्योंकि किसी को नहीं पता था कि अगली सुबह वे सही-सलामत होंगे या नहीं. होटल स्टाफ भी डरा हुआ था और वे केवल जरूरी सेवाएं ही मुहैया करा पा रहे थे. युद्ध की विभीषिका के बीच हर कोई बस अपने वतन लौटने की दुआ मांग रहा था.
दुबई की हालिया स्थिति क्या है?
दुबई की हालिया स्थिति पर बात करते हुए अजय ने कहा कि अब वहां धीरे-धीरे हालात काबू में आ रहे हैं लेकिन शुरुआती दो दिन बेहद भयानक थे. मंगलवार को जब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई और लोगों को राहत मिली तो अजय ने एयरलाइंस से अनुरोध कर मुंबई की फ्लाइट पकड़ी. अमीरात ने उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ने के लिए गाड़ी उपलब्ध कराई जिससे वे सुरक्षित भारत लौट सके. उन्होंने बताया कि अब दुबई में लोग थोड़े रिलैक्स महसूस कर रहे हैं लेकिन युद्ध का डर अभी भी बना हुआ है. मुंबई के अलावा बंगलौर में भी एक फ्लाइट यात्रियों को लेकर पहुंची है जिससे अपनों का इंतजार कर रहे परिवारों ने राहत की सांस ली है.