अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान की घटना सामने आई है. इस घटना को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि देश और तिरंगे का अपमान करने वालों को यह हरकत बहुत भारी पड़ेगी. सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा कि किसी को भी आरएसएस, बीजेपी या केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करने की पूरी आजादी है, लेकिन भारत और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वायरल वीडियो में एक प्रदर्शनकारी तिरंगे को अपने पैरों से रौंदते और उसका अपमान करते हुए दिखाई दे रहा है.

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मैडिसन स्क्वायर गार्डन में क्या हुआ था?

दरअसल, शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का एक कार्यक्रम आयोजित था, जहां उन्होंने करीब 5,000 लोगों को संबोधित किया. भागवत ने अपने संबोधन में विविधता में एकता और 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश दिया. इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर कुछ सिख, मुस्लिम, ईसाई और अन्य संगठनों के लोगों ने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की. इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने भारतीय तिरंगे को फाड़ा और जमीन पर फेंककर उसका अनादर किया.

भारतीय समुदाय और संगठनों ने जताई चिंता

तिरंगे के अनादर के विरोध में कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग भी सामने आए और प्रदर्शनकारियों का विरोध किया. वहीं, 'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई है. संगठन का कहना है कि कार्यक्रम स्थल के बाहर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा नफरत फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिसकी कड़े शब्दों में निंदा होनी चाहिए.

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