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2011 की तरह फिर से जापान में आएगी सुनामी? चेतावनी के बाद फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को किया जा रहा खाली

Japan Tsunami Warning: पिछले कुछ दिनों में दुनिया के कई देशों से भूकंप की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आज रूस में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। इसके साथ ही अब जापान में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। इसके पहले जापान में 2011 में भी सुनामी का कहर पूरी दुनिया ने देखा था।

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Japan Tsunami Warning: सोशल मीडिया पर समय-समय पर जापान में आई सुनामी की तस्वीरें और वीडियो सामने आती रहती हैं। आज रूस में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इसके बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जापान में भी समुद्र में ऊंची पानी की लहरें देखी गईं, जिसके वहां पर सुनामी का खतरा बढ़ गया है। इसको देखते हुए देश में चेतावनी जारी कर दी गई है। अलर्ट के बाद फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को खाली करने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। दरअसल, यह वही प्लांट हैं, जो 2011 की सुनामी को दौरान प्रभावित हुआ था। उस दौरन रीब 19 हजार लोगों की मौत हुई थी। अब फिर ये ऐसे हालात न आएं इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट क्या है?

फुकुशिमा दाइइचि न्यूक्लियर पावर प्लांट जापान के फुकुशिमा प्रीफेक्चर में बना है। इसकी शुरुआत 1971 में की गई थी। यह एक बिजली परमाणु संयंत्र है, जिसको टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी चला रही है। 2011 की सुनामी के पहले इसमें 6 परमाणु रिएक्टर थे। तबाही के बाद अब केवल एक रह गया है।

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ये भी पढ़ें: Video: सुनामी की 3 फीट ऊंची लहरें देख याद आई 2011 की तबाही, क्या हुआ था जापान में 14 साल पहले?

हालांकि, अब इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है। सुनामी आने के बाद से ही इसकी सफाई का काम किया जा रहा है। अब भूकंप के बाद नई चेतावनी के बाद इस काम में तेजी लाई गई है, जिससे इसकी वजह से लोगों की जान को ज्यादा खतरा न हो।

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जापान में 2011 में क्या हुआ था?

11 मार्च 2011 को जापान के ट्रेंच पर होन्शू के उत्तरी-पूर्वी तट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह भूकंप 9.1 तीव्रता का था। इससे समुद्र में केवल 30 मिनट के अंदर ही सुनामी की स्थिति बन गई। जिसकी वजह से समुद्र में ऊंची-ऊंची पानी की लहरें उठने लगीं। इस सुनामी की चपेट में जो भी आया सब पानी के साथ बह गया।

19 हजार लोगों की हुई थी मौत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय करीब 19 हजार लोगों की मौत हुई और बहुत शव कभी बरामद नहीं किए जा सके। इस सुनामी का सबसे ज्यादा असर फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट पर पड़ा था, जिसके बाद इसका कूलिंग सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया था।

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इसमें प्लांट के तीन रिएक्टरों का पिघलना शुरू हो गया। इससे खतरा यह होता है कि यह वातावरण में घुलकर इसको नुकसान पहुंचाता है। हालांकि, इस समय फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट पिछली बार की तरह खरतनाक नहीं है, क्योंकि सुनामी के बाद इसको बंद कर दिया गया था।

ये भी पढ़ें: जुलाई में आएगी मेगा सुनामी, उबलने लगेगा समुद्र, जापानी बाबा वेंगा की ताजा भविष्यवाणी

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First published on: Jul 30, 2025 11:29 AM

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Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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