News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
Indian workers kidnapped in Mali: पश्चिमी अफ्रीकी देश माली में मंगलवार को तीन आतंकियों ने डायमंड सीमेंट फैक्ट्री में काम कर रहे 3 भारतीय मजदूरों का अपहरण कर लिया है। विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए माली सरकार ने तीनों भारतीयों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि 1 जुलाई को माली के कायेस में स्थित डायमंड सीमेंट फैक्ट्री में कुछ हमलावरों ने हमला कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद तीन भारतीयों को अगवा कर लिया। फिलहाल माली की सरकार से त्वरित कार्यवाही करने का आग्र्रह किया गया है। मामले में विदेश मंत्रालय की पूरी नजर है। जानकारी के अनुसार भारतीय मजदूरों के अपहरण की जिम्मेदारी जमात नुसरत अल इस्लाम वल मुस्लिमीन ने ली है।
सरकार ने इस घटना को हिंसा का घोर निंदनीय कृत्य बताते हुए माली सरकार ने हरसंभव प्रयास की अपील है। ताकि भारतीयों की सुरक्षित रिहाई हो सके। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे भारतीयों को हरसंभव मदद के लिए तैयार है। इसके साथ ही भारत उनकी सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रतिबद्ध है। ऐसे में आइये जानते हैं क्या है जमात नुसरल अल इस्लाम वल मुस्लिमीन?
ये भी पढ़ेंः घाना में सोना भारत से कितना सस्ता? जानें दोनों देश एक-दूसरे को क्या बेचते हैं?
जमात नुसरत अल इस्लाम वल मुस्लिमीन एक आतंकी संगठन है जोकि अलकायदा का अफ्रीकी देशों में विस्तारित रूप में है। यानी एक तरह से यह अलकायदा का ही एक पार्ट है। इस संगठन का प्रमुख अयमान अल जवाहिरी है। 2020 की शुरुआत में यह संगठन दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला आतंकी संगठन है। ये संगठन अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में एक विकेंद्रीकृत प्रोटो स्टेट मॉडल संचालित करता है, इसके साथ ही सख्त इस्लामी कानून लागू करता है और टैक्स इकट्ठा करता है। जमात का प्रभाव फिलहाल अफ्रीका के बेसिन क्षेत्रों में है।
इस संगठन का निर्माण कई संगठनों के विलय से हुआ है। इसमें सलाफी जिहादी, अंसार दीन, अल मौराबितौन और इस्लामिक मगरेब जैसे संगठन शामिल हैं। ये सभी संगठन अफ्रीका में अलकायदा के विस्तारित स्वरूप के तौर पर जाने जाते हैं। इस संगठन की स्थापना 2 मार्च 2017 को हुई। इस दौरान अलकायदा के शीर्ष नेता अयमान अल जवाहिरी और एक्यूआईएम यानी जमात के नेता अब्देलमलेक ड्रूकडेल भी मौजूद थे। ये संगठन माली के अलावा अल्जीरिया, नाइजर गणराज्य, लीबिया, मॉरिटानिया, ट्यूनीशिया, चाड, बुर्किना फासो और बेनिन घाना जैसे देशों में सक्रिय हैं।
ये भी पढ़ेंः ‘युद्ध नहीं बातचीत-कूटनीति से निकलेगा समाधान’, घाना में PM मोदी के संबोधन की 7 बड़ी बातें
न्यूज 24 पर पढ़ें दुनिया, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।