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दुनिया

पाकिस्तान की बेइज्जती! ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर शहबाज शरीफ ने किए साइन, भड़क गया इजरायल- ‘हमें इन पर भरोसा नहीं’

ट्रंप सरकार ने 'बोर्ड ऑफ पीस' के लिए भारत और चीन सहित लगभग 60 देशों को आमंत्रित किया था. इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता के लिए कथित तौर पर $1 बिलियन की भारी कीमत चुकानी होगी.

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Edited By : Arif Khan Updated: Jan 24, 2026 07:06
पीएम शरीफ को अपने देश में भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उन 20 देशों के नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने गुरुवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ चार्टर पर साइन किए. लेकिन इससे इजरायल पाकिस्तान से नाराज दिखा. इजरायल का कहना है कि वह पाकिस्तान को गाजा शांति स्थापित करने में कोई भी भूमिका नहीं निभाने देगा.

इजरायल के वित्त मंत्री निर बरकत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थकों की सूची में रखा. दावोस में NDTV को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद का समर्थन करने वाले किसी भी देश का स्वागत नहीं है… और इसमें पाकिस्तान भी शामिल है.’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीएम शरीफ को अपने देश में भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान में कई लोग इस चार्टर पर साइन करने को फिलिस्तीनी हितों के खिलाफ देख रहे हैं.

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बरकत ने गाजा शांति सेना के सवाल पर कहा, ‘हम कतर, तुर्की और पाकिस्तान को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने गाजा में जिहादी संगठनों का समर्थन किया है, हम उनकी सेना पर भरोसा नहीं कर सकते.’

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पाकिस्तान में विरोध

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने शरीफ सरकार के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. PTI ने इस कदम को संयुक्त राष्ट्र के समानांतर ढांचा खड़ा करने वाला बताया और इस पर ‘राष्ट्रीय जनमत संग्रह’ की मांग की है.

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कौन-कौन है ट्रंप के साथ?

ट्रंप प्रशासन ने भारत और चीन सहित लगभग 60 देशों को आमंत्रित किया था, लेकिन दावोस लॉन्च में 20 से भी कम देशों ने हिस्सा लिया. इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता के लिए कथित तौर पर $1 बिलियन की भारी कीमत चुकानी होगी. अब तक अर्जेंटीना, अल्बानिया, आर्मेनिया, अज़रबैजान, बहरीन, बेलारूस, बुल्गारिया, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कज़ाकिस्तान, कोसोवो, मोरक्को, मंगोलिया, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम जैसे दशों ने न्योता कबूल किया है. भारत को भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन उसने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

First published on: Jan 24, 2026 07:06 AM

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