चीन की नई चाल, रेगिस्तान में बना रहा 80 से ज्यादा लॉन्च पैड, सैटेलाइट तस्वीरों से बड़ा खुलासा

Satellite Images China: सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन अपने रेगिस्तानी इलाकों में परमाणु मिसाइल कंटेनरों के पास 80 से अधिक नए लॉन्च पैड बना रहा है. हजारों वर्ग किलोमीटर में फैला यह नया डिफेंसिव नेटवर्क हमले की स्थिति में चीन की परमाणु क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया जा रहा है. जानिए बीजिंग के इस कदम के पीछे क्या है असली मकसद.

china news

Satellite Images China: चीन अपने दूरदराज के रेगिस्तानी इलाकों में एक बेहद विशाल और गुप्त सैन्य परिसर का निर्माण बहुत तेजी से कर रहा है. हाल ही में सामने आईं सैटेलाइट तस्वीरों से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बीजिंग अपनी न्यूक्लियर मिसाइलों के कंटेनरों (साइलो) के आसपास 80 से अधिक नए लॉन्च पैड तैयार कर रहा है. रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूरा निर्माण कार्य शिनजियांग और गांसू प्रांतों के बेहद सुरक्षित रेगिस्तानी क्षेत्रों में धड़ल्ले से चल रहा है.

विज्ञापन

क्यों खास है चीन का यह नया ‘डिफेंसिव नेटवर्क’?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे ऊंचे स्तर के ढांचे को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है ताकि किसी भी विदेशी हमले की स्थिति में चीन अपनी परमाणु क्षमता को सुरक्षित रख सके और तुरंत जवाबी हमला सुनिश्चित कर सके. चीन का यह नया डिफेंसिव नेटवर्क हजारों वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है. इस नेटवर्क में मोबाइल मिसाइल लॉन्चर्स, अत्याधुनिक एयर डिफेंस बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और सैटेलाइट कम्युनिकेशन से जुड़ी बेहद खास सुविधाएं शामिल हो सकती हैं.
हामी साइलो से करीब 140 से 230 किलोमीटर की दूरी पर दो ऑक्टागन संरचनाएं देखी गई हैं. इनमें सैनिकों के रहने के लिए बैरक, गाड़ियों का स्टोरेज और कम्युनिकेशन सेंटर बनाए गए हैं, जबकि तीसरी ऑक्टागन संरचना का इस्तेमाल टारगेट प्रैक्टिस के लिए किया जा रहा है.

विज्ञापन

अमेरिका और रूस से अलग रणनीति

यह नया निर्माण चीन की लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) को दुश्मन के पहले हमले से बचाएगा. यह असाधारण प्रयास चीन को अमेरिका और रूस की स्थापित सैन्य व्यवस्था से बिल्कुल अलग एक बड़े स्तर का सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन साल 2030 तक अपने पास 1,000 से ज्यादा परमाणु वारहेड्स जमा करने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.

वर्तमान में ताइवान मुद्दे को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव चरम पर है. हालांकि, चीन की आधिकारिक नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ (यानी पहले परमाणु हमला न करने) की है, लेकिन रेगिस्तान में चल रही उसकी यह नई तैयारी कुछ और ही इशारा कर रही है. फिलहाल इस पूरे मामले पर चीन के रक्षा मंत्रालय ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ