---विज्ञापन---

अमेरिका का पिछलग्गू बना पाकिस्तान, ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने पर अपनों ने ही उड़ाया मजाक

Pakistan: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थक इसे फिलिस्तीनियों के खिलाफ शर्मनाक कदम बता रहे हैं. पूर्व सैनिक उमर महमूद हयात ने नेतन्याहू के साथ मंच साझा करने पर सवाल उठाया, जो युद्ध अपराधों के आरोपी हैं.

---विज्ञापन---

पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का फैसला कर लिया है, जिसे गाजा में शांति स्थापना का वैकल्पिक मंच बताया जा रहा है. रविवार को ट्रंप द्वारा भेजे न्योते को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया और कहा कि देश फिलिस्तीन मुद्दे पर हर शांति प्रयास का हिस्सा बनेगा. हालांकि, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की हाइब्रिड सरकार के इस कदम पर देश के पूर्व राजदूतों, विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है. आलोचकों का मानना है कि यह फैसला सिद्धांतों की बलि चढ़ाकर अमेरिकी कृपा का लोभ है.

पूर्व राजदूत ने की फैसले की आलोचना


संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने इस निर्णय की सबसे तीखी आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि ट्रंप द्वारा पेश इस बोर्ड की विश्वसनीयता क्या है, जो उनके कार्यकाल के बाद टिक पाएगा भी या नहीं. लोधी ने कहा, ‘पाकिस्तान एक ऐसे संगठन में शामिल हो रहा है जिसका केंद्र ट्रंप ही हैं. क्या सिद्धांतों से अधिक ट्रंप को प्रसन्न करना महत्वपूर्ण हो गया?’ उन्होंने बोर्ड में इजरायल की संभावित भागीदारी पर भी चिंता जताई, खासकर तब जब पाकिस्तान ने अब तक इसे मान्यता नहीं दी. एक अन्य पोस्ट में उन्होंने गाजा में इजरायली हमले से 11 फिलिस्तीनियों की मौत की खबर साझा कर पूछा कि क्या यही ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शांति है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ट्रंप के आगे नतमस्तक मुस्लिम वर्ल्ड! UAE-कतर, तुर्की समेत ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में कई देख शामिल; यूरोप ने बनाई दूरी

पूर्व कानून मंत्री ने साधा निशाना


पूर्व कानून मंत्री बाबर अवान ने शरीफ सरकार पर निशाना साधते हुए इसे फिलिस्तीन के साथ गद्दारी करार दिया. उन्होंने लिखा, ‘ट्रंप को खुश करने के लिए युद्ध अपराधी नेतन्याहू के साथ मंच साझा करना कायद-ए-आजम के आदेशों की अवहेलना है. शहबाज शरीफ की बूट-पॉलिश करने की आदत ने पाकिस्तान को इस मुकाम पर पहुंचा दिया.’ पत्रकार बकीर सज्जाद ने इसे मुस्लिम दुनिया की सबसे बड़ी पाखंडपूर्ण राजनीति बताया, जबकि पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने संसदीय बहस के अभाव पर सवाल उठाए. उन्होंने बोर्ड को ‘अमीरों का क्लब’ कहा, जहां स्थायी सदस्यता के लिए एक अरब डॉलर की एंट्री फीस है.

---विज्ञापन---

सोशल मीडिया पर हुई बेइज्जती


दावोस में बोर्ड के हस्ताक्षर समारोह के लिए पहुंचे शरीफ, मुनीर एवं विदेश मंत्री इशाक डार की तस्वीर पर भी सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थक इसे फिलिस्तीनियों के खिलाफ शर्मनाक कदम बता रहे हैं. पूर्व सैनिक उमर महमूद हयात ने नेतन्याहू के साथ मंच साझा करने पर सवाल उठाया, जो युद्ध अपराधों के आरोपी हैं. कई यूजर्स सरकार को लानत भेज रहे हैं और इसे पाकिस्तान की विदेश नीति की ऐतिहासिक भूल करार दे रहे हैं.

First published on: Jan 22, 2026 08:07 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola