इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच सीजफायर, क्या ईरान की धमकी के चलते हुई ये 'असंभव डील'?

यह युद्धविराम दक्षिणी लेबनान में भड़के उस भीषण तनाव के बाद आया है, जिसने दोनों देशों को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया था. इजरायली हवाई हमलों में जहां लेबनान के 18 नागरिक मारे गए, वहीं हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के हमलों में इजरायल के 4 सैनिकों की भी जान चली गई.

Hezbollah

मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच सीजफायर की खबर आई है. लेबनान में एक दिन की भीषण गोलाबारी और भारी मौतों के बाद आखिरकार इजरायल और हिज्बुल्लाह सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम उस समय उठाया गया जब दोनों पक्षों के बीच बढ़ता हिंसक टकराव मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति स्थापित करने के वैश्विक प्रयासों को पूरी तरह पटरी से उतारने की कगार पर पहुंच गया था.

विज्ञापन

यह युद्धविराम लेबनान के स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे से ठीक पहले प्रभावी हुआ. इस समझौते को कराने में अमेरिका और कतर ने अहम भूमिका निभाई, जिन्हें परदे के पीछे से ईरान का भी पूरा सहयोग मिला.

विज्ञापन

22 मौतों के बाद थमीं बंदूकें

यह युद्धविराम दक्षिणी लेबनान में भड़के उस भीषण तनाव के बाद आया है, जिसने दोनों देशों को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया था. इजरायली हवाई हमलों में जहां लेबनान के 18 नागरिक मारे गए, वहीं हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के हमलों में इजरायल के 4 सैनिकों की भी जान चली गई. इस अचानक भड़की हिंसा ने चिंता बढ़ा दी थी. आशंका जताई जा रही थी कि इजरायल की उत्तरी सीमा पर बढ़ता यह तनाव ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे बड़े कूटनीतिक समझौतों को हमेशा के लिए दफन कर सकता है. यही वजह रही कि अमेरिकी और कतरी मध्यस्थों ने बेहद कम समय में गहन बातचीत कर दोनों पक्षों को शत्रुता रोकने के लिए राजी कर लिया.

विज्ञापन

रद्द करनी पड़ी थी अमेरिका-ईरान की गुप्त वार्ता

लेबनान में जारी इस जंग ने वैश्विक कूटनीति को कितना जटिल बना दिया था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका और ईरान की बेहद अहम बैठक को ऐन वक्त पर रद्द करना पड़ा. यह बैठक ग्लोबल ट्रेड के सबसे मुख्य समुद्री मार्ग ‘स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज’ को फिर से सुरक्षित खोलने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही थी.

विज्ञापन

हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ सांसद ने खुलासा किया कि ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक लेबनान में पूर्ण युद्धविराम लागू नहीं होता, तब तक वह अमेरिका के साथ किसी भी कूटनीतिक चर्चा को आगे नहीं बढ़ाएगा. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने रद्द हुई बातचीत पर सीधे कुछ नहीं कहा, लेकिन लेबनान में इजरायली सेना की कार्रवाई के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की बात दोहराई है.

विज्ञापन

इजरायल की दोटूक

भले ही लेबनान में बंदूकें शांत हो गई हों, लेकिन इजरायल के कड़े तेवर अभी भी बरकरार हैं. इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया कि हिज्बुल्लाह के साथ इस समझौते के बावजूद इजरायली सैनिकों के पास किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ कार्रवाई करने की पूरी आजादी रहेगी.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ