ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने फिर से Strait of Hormuz को बंद कर दिया है और सभी जहाजों को पार करने की कोशिश नहीं करने की चेतावनी दी है. ईरान ने ये कदम इसलिए उठाया है क्योंकि इजरायल ने आज सुबह दक्षिण लेबनान पर बमबारी की और वहां से हटने से इनकार कर दिया. IRGC ने होर्मुज के फिर बंद होने की घोषणा करते हुए कहा कि लेबनान में सीज़फायर की शर्तें अमेरिका ने पूरी नहीं की है, अब होर्मुज के पास आने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा.
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ईरान ने क्या चेतावनी दी?
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जब तक क्षेत्र की स्थिति सामान्य नहीं होती और उनकी सुरक्षा चिंताओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी. उन्होंने होर्मुज के पास आने वाले सभी कमर्शियल और मिलिट्री जहाजों को सावधानी बरतने की चेतावनी भी दी है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. ग्लोबल लेवल पर समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और दुनिया के बाकी हिस्सों तक कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए ये मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
ईरान-अमेरिका में कब खत्म होगी लड़ाई?
जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच ज़बरदस्त लड़ाई के बाद शुक्रवार (19 जून) को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रद्द कर दी गई. इससे ईरान में युद्ध खत्म करने के लिए बन रहे शुरुआती समझौते पर सवाल उठने लगे हैं. ईरानी अधिकारी प्लान के मुताबिक स्विट्जरलैंड नहीं गए. उनका कहना था कि बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में लड़ाई रुकनी चाहिए. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी अपनी यात्रा रद्द कर दी. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि इज़रायली सैनिक लेबनान में जब तक ज़रूरी होगा, तब तक रहेंगे. उन्होंने कहा कि इज़रायल अपने सैनिकों या अपने इलाके पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और इन हमलों के लिए हिज़्बुल्लाह से बहुत भारी कीमत वसूलेगा.
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ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने फिर से Strait of Hormuz को बंद कर दिया है और सभी जहाजों को पार करने की कोशिश नहीं करने की चेतावनी दी है. ईरान ने ये कदम इसलिए उठाया है क्योंकि इजरायल ने आज सुबह दक्षिण लेबनान पर बमबारी की और वहां से हटने से इनकार कर दिया. IRGC ने होर्मुज के फिर बंद होने की घोषणा करते हुए कहा कि लेबनान में सीज़फायर की शर्तें अमेरिका ने पूरी नहीं की है, अब होर्मुज के पास आने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा.
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ईरान ने क्या चेतावनी दी?
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जब तक क्षेत्र की स्थिति सामान्य नहीं होती और उनकी सुरक्षा चिंताओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी. उन्होंने होर्मुज के पास आने वाले सभी कमर्शियल और मिलिट्री जहाजों को सावधानी बरतने की चेतावनी भी दी है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. ग्लोबल लेवल पर समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और दुनिया के बाकी हिस्सों तक कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए ये मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
ईरान-अमेरिका में कब खत्म होगी लड़ाई?
जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच ज़बरदस्त लड़ाई के बाद शुक्रवार (19 जून) को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रद्द कर दी गई. इससे ईरान में युद्ध खत्म करने के लिए बन रहे शुरुआती समझौते पर सवाल उठने लगे हैं. ईरानी अधिकारी प्लान के मुताबिक स्विट्जरलैंड नहीं गए. उनका कहना था कि बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में लड़ाई रुकनी चाहिए. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी अपनी यात्रा रद्द कर दी. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि इज़रायली सैनिक लेबनान में जब तक ज़रूरी होगा, तब तक रहेंगे. उन्होंने कहा कि इज़रायल अपने सैनिकों या अपने इलाके पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और इन हमलों के लिए हिज़्बुल्लाह से बहुत भारी कीमत वसूलेगा.
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