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होर्मुज बंद करने के दावे को ईरानी विदेश मंत्रालय ने किया खारिज, ट्रंप का भी आया लेटेस्ट बयान

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर बंद करने की खबर को ईरानी विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है. ईरान की तरफ से कहा गया कि कमर्शियल शिपिंग होर्मुज के ज़रिये जारी है और ईरान पूरी तरह से अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते का पालन कर रहा है. होर्मुज बंद किए जाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर बंद करने की खबर को ईरानी विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है. ईरान की तरफ से कहा गया कि कमर्शियल शिपिंग होर्मुज के ज़रिये जारी है और ईरान पूरी तरह से अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते का पालन कर रहा है. दरअसल, इससे पहले ये खबरें आ रही थीं कि ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने फिर से Strait of Hormuz को बंद कर दिया है और सभी जहाजों को पार करने की कोशिश नहीं करने की चेतावनी दी है. ईरान ने ये कदम इसलिए उठाया है क्योंकि इजरायल ने आज सुबह दक्षिण लेबनान पर बमबारी की और वहां से हटने से इनकार कर दिया. IRGC ने होर्मुज के फिर बंद होने की घोषणा करते हुए कहा कि लेबनान में सीज़फायर की शर्तें अमेरिका ने पूरी नहीं की है, अब होर्मुज के पास आने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा.

ये भी पढ़ें: ‘इजराइली हमले रुकेंगे तभी अमेरिका से बात होगी’, स्विट्ज़रलैंड वार्ता रद्द होने के बाद ईरान का बयान

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ट्रंप का भी आया बयान

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट के बंद करने की खबरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने कहा कि ईरान ख़त्म हो चुका है, अमेरिका से संधि करने की वजह ही यही थी. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका 60 दिन निकाल देगा तो ईरान को एक पायी नहीं मिलेगी. दरअसल होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. ग्लोबल लेवल पर समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और दुनिया के बाकी हिस्सों तक कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए ये मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

ईरान-अमेरिका में कब खत्म होगी लड़ाई?

जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच ज़बरदस्त लड़ाई के बाद शुक्रवार (19 जून) को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रद्द कर दी गई. इससे ईरान में युद्ध खत्म करने के लिए बन रहे शुरुआती समझौते पर सवाल उठने लगे हैं. ईरानी अधिकारी प्लान के मुताबिक स्विट्जरलैंड नहीं गए. उनका कहना था कि बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में लड़ाई रुकनी चाहिए. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी अपनी यात्रा रद्द कर दी. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि इज़रायली सैनिक लेबनान में जब तक ज़रूरी होगा, तब तक रहेंगे. उन्होंने कहा कि इज़रायल अपने सैनिकों या अपने इलाके पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और इन हमलों के लिए हिज़्बुल्लाह से बहुत भारी कीमत वसूलेगा.

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ये भी पढ़ें: क्या थी 1919 की संधि? जिसकी वजह से हुआ था दूसरा विश्व युद्ध, ट्रंप की शांति डील पर भी लगा ‘वर्साय’ का श्राप!

First published on: Jun 19, 2026 06:04 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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