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दुनिया

क्या ग्रीनलैंड को ट्रंप से बचा पाएगा यूरोपीय संघ? एकजुट होकर अमेरिका के मुकाबले कितने ताकतवर हैं 27 देश

US Greenland Conflict: यूरोपीय संघ और नाटो ने मिलकर ग्रीनलैंड को सैन्य समर्थन दिया है. वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करके उसे अमेरिका का राज्य बनाने पर तुले हैं, लेकिन क्या 27 देश मिलकर ग्रीनलैंड को अमेरिका से बचा पाएंगे? अमेरिका के मुकाबले कितना ताकतवार है यूरोपीय संघ, आइए जानते हैं...

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Jan 22, 2026 12:01
Donald Trump vs Europian Union
राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करके उसे अमेरिका का राज्य बनाना चाहते हैं.

US Greenland Conflict: अमेरिकी और यूरोपीय देशों के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं और उसे अमेरिका का राज्य बनाना चाहते हैं. यूरोपीय देश राष्ट्रपति ट्रंप की जिद की खिलाफत कर रहे हैं और ग्रीनलैंड की आजादी के पक्ष में हैं. इसलिए यूरोपीय संघ और नाटो के 27 देशों ने मिलकर ग्रीनलैंड की सैन्य सुरक्षा करने का ऐलान किया है.

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न, यूरोपीय देशों पर टैरिफ लिया वापस, बोले- तैयार है ग्रीनलैंड पर डील का फ्रेमवर्क

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ट्रंप ने टैरिफ लगाकर बनाया दबाव

बता दें कि अमेरिका ने टैरिफ लगाकर यूरोपीय देशों पर ग्रीनलैंड के मामले में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन बावजूद इसके यूरोपीय देशों ने जवाबी कार्रवाई की बजाय ग्रीनलैंड के लिए एकजुट होने और ग्रीनलैंड के बचाव की तैयारी दिखाई. फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे और स्वीडन ने ग्रीनलैंड में अपनी सेना तैनात कर दी है. फ्रांस ने पहाड़ी सेना भेजी है तो जर्मनी ने टोही यूनिट और डेनमार्क ने अपनी आर्कटिक सेना के विस्तार की घोषणा की है.

अमेरिका से ज्यादा ताकतवर यूरोप

बता दें कि यूरोपीय संघ के 27 देशों में से नाटो के 23 देशों को कुल सैन्य खर्च का 42 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका देता है, लेकिन यूरोपीय संघ के 27 देशों की सेना संख्या में रूस भी ज्यादा है. अर्थिक रूप से भी यूरोपीय देश मिलकर अमेरिका से ज्यादा ताकतवर हैं. यूरोपीय संघ टैरिफ लगाकर और यूरोपीय संघ 2023 एंटी कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट के अनुसार जवाब में टैरिफ लगाकर, व्यापार प्रतिबंधित करके, निवेश रोककर अमेरिका पर दबाव बना सकता है.

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यह भी पढ़ें: क्या है यूरोपियन यूनियन की ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’? भारत के साथ ऐसा कौन सा बड़ा समझौता

क्या कहता है NATO का अनुच्छेद-5

बता दें कि डेनमार्क ने अमेरिका को साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और इस देश का भविष्य यहां रहने वाले लोग ही तय करेंगे. यूरोपी राजनीतिक रूप से एकजुट हुआ है और मुद्दे को संप्रभुता पर हमला बता रहा है. अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर सैन्य कब्जा करने का प्रयास किया तो डेनमार्क नाटो के अनुच्छेद 5 का इस्तेमाल कर सकता है, जिसे अनुसार नाटो के एक सदस्य पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा.

First published on: Jan 22, 2026 11:26 AM

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