अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौता नहीं करने पर सर्वनाश की धमकी दी है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका और ट्रंप को चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगी। न ही अमेरिका की धमकियां बर्दाश्त करेंगे। वो क्या सर्वनाश करेंगे, सर्वनाश तो हम करेंगे, उनके युद्धपोतों को समुद्र की गहराइयों में डुबो देंगे। अगर होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी खत्म नहीं की तो अमेरिका को खामियाजा भुगतना होगा।
‘ईरान के साथ लड़ाई अब खत्म हो चुकी’, ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, सीजफायर के लिए रखी ये शर्त
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी ये धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को खुली धमकी दी। उन्होंने कहा कि मुझे रहम की उम्मीद मत रखना, सर्वनाश कर दूंगा। इसे सिर्फ बयान मत समझना। इस लहजे में कूटनीति नहीं, तबाही की गूंज है। सीजफायर के बीच राष्ट्रपति ट्रंप की ऐसी धमकी ने चिंगारी सुलगाई है। वहीं इसका मतलब यह भी है कि अगर ईरान ने जवाब दिया तो अमेरिकी सेना तबाही मचा देगा। लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ने चुप्पी तोड़ते हुए लिखित पत्र जारी करके अमेरिका और ट्रंप को कड़े तेवर दिखाए हैं।
पलटवार कर ईरान ने ये जवाब दिया
मोजतबा खामेनेई ने अपने लेटर में लिखा कि अमेरिका की जगह समुद्र की गहराइयों में है। पर्सियन गल्फ में अमेरिका की दादागिरी बर्दाश्त नहीं करेंगे। ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेगा। हर हाल में अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा। अगर अमेरिका ने नाकेबंदी नहीं छोड़ी तो उसका लालच उसे गहरे समुद्र में डुबो देगा। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण था, है और रहेगा। अगर मिडिल ईस्ट में अमेरिका न हो तो शांति होगी। होर्मुज पर नियंत्रण के लिए किसी हद तक जा सकते हैं। ट्रंप को ईरान का संवर्धित यूरेनियम नहीं लेने देंगे।
ट्रंप की युद्ध समाप्त होने की घोषणा
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई ईरान के साथ लड़ाई अब समाप्त हो चुकी है। अमेरिका के वार पावर रेजोल्यूशन के कानून के तहत यह घोषणा ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अनिवार्य संसद की 60 दिवसीय अनुमोदन सीमा से ठीक पहले सामने आई है। आदेश में नौसेना नाकाबंदी का जिक्र नहीं है। वहीं अगर ईरान की ओर से किसी अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हमला होता है तो राष्ट्रपति, चीफ‑ऑफ‑कमांडर के रूप में तुरंत बिना कांग्रेस की पहले से अनुमति के रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं।










