ट्रंप की पीठ में पाकिस्तान ने घोंपा छुरा? ईरान के लिए खोले 6 गुप्त रास्ते, क्या शहबाज शरीफ ने US के साथ किया 'बड़ा खेल'?

पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर जिन छह रूट्स का ऐलान किया है, उनके जरिए रूस और चीन के साथ ईरान सीधे व्यापार कर सकता है.

Pakistan

दुनिया के सामने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने का दावा करने वाला पाकिस्तान अब दोहरी चाल चलता दिख रहा है. अमेरिकी नाकेबंदी और कड़े प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान को राहत देते हुए पाकिस्तान ने छह जमीनी व्यापार मार्ग खोलने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चारों ओर से घेराबंदी की रणनीति को धक्का पहुंचा है.

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शहबाज शरीफ की ‘दोहरी चाल’?

पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर जिन छह रूट्स का ऐलान किया है, उनके जरिए रूस और चीन के साथ ईरान सीधे व्यापार कर सकता है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर और होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी समुद्री व्यापार की नाकेबंदी कर रखी है. इन रास्तों के खुलने से ईरान अब बिना किसी समुद्री बाधा के अपना तेल और दूसरे सामान इंटरनेशनल मार्केट में पहुंचा सकेगा.

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अमेरिका के लिए चेतावनी?

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान के इस कदम को अमेरिका के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया है. उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान अपने ‘दोस्त’ अमेरिका की रणनीति को कमजोर कर रहा है और ईरानी शासन को अमेरिकी नाकेबंदी से बचने में सीधा सहयोग दे रहा है. उनके मुताबिक, इस्लामाबाद ने एक बार फिर अमेरिका को धोखा दिया है.

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साख पर उठा सवाल

पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर अब चारों तरफ से सवाल उठ रहे हैं. भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजर ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान एक भरोसेमंद नहीं है. वहीं, खुद ईरान ने भी पाकिस्तान की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. ईरानी अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि वह अमेरिकी हितों की ओर झुका रहता है.

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ट्रंप की रणनीति को भारी नुकसान

डोनाल्ड ट्रंप का मकसद ईरान पर इतना आर्थिक दबाव बनाना था कि वह घुटने टेक दे और अमेरिकी शर्तों पर युद्ध विराम के लिए तैयार हो जाए. पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान जाने वाले 3,000 से ज्यादा कार्गो कंटेनर पाकिस्तानी पोर्ट पर क्लियरेंस का इंतजार कर रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि इन कंटेनरों को अब जमीन के रास्ते ईरान ले जाया जा सकता है. यह न केवल ट्रंप की घेराबंदी को नाकाम करता है, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था को भी जीवनदान देता है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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