अमेरिका से युद्ध के बाद शांति वार्ता के बीच ईरान में फूट पड़ने की खबरें सामने आई हैं। इस वजह से अमेरिका और ईरान में इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता पर ब्रेक लग गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा टल गई है। इसकी वजह सरकार, सुप्रीम लीडरशिप और IRGC में उभरे मतभेद हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियान अमेरिकी की शर्तों पर विचार करने को कहते हैं। मोजतबा खामेनेई के करीबी धड़े में परमाणु मुद्दे और अन्य शर्तों पर मतभेद उभरे।
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ईरान की वास्तविक सत्ता को लेकर सवाल?
सरकार और सुप्रीम लीडरशिप में फूट के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनी गार्ड्स (IRGC) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सियासी गलियारों में सवाल है कि आखिरी ईरान की वास्तविक सत्ता किसके हाथ में है? ईरान के फैसले कौन ले रहा है- सरकार, सुप्रीम लीडर या IRGC... अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सवाल उठाया था कि ईरान खुद तय नहीं कर पा रहा कि उसका नेतृत्व किसके हाथ में है। हार्डलाइनर और मॉडरेट खेमों के बीच कलह पागलपन है।
गालिबाफ का शांति वार्ताकार टीम से इस्तीफा
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ के द्वारा अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता टीम से इस्तीफा दे दिया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वार्ता के संदर्भ में IRGC से गालिबाफ और अराघची के मतभेद हुए हैं। गालिबाफ अमेरिका के साथ पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता को लीड कर रहे थे। इस्लामाबाद में ट्रंप प्रशासन के साथ हो रही बातचीत के लिए उन्हें ईरान की ओर से मुख्य वार्ताकार माना जा रहा था, लेकिन अब उन्होंने टीम छोड़कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।
गालिबाफ ने खुद को मॉडरेट नहीं ईरानी कहा
गालिबाफ को अपेक्षाकृत व्यावहारिक और बातचीत के लिए खुला दृष्टिकोण रखने वाले नेता माना जाता है, जबकि IRGC से जुड़े हार्डलाइनर तत्व अमेरिका के साथ समझौते के पक्ष में कम लचीले रुख पर टिके हैं। खुद को मॉडरेट कहे जाने को लेकर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान और गालिबाफ ने कहा है कि ईरान में कोई मॉडरेट या हार्डलाइनर नहीं है, बल्कि हम सब ईरानी हैं। हम अपनी जिंदगी से ज्यादा ईरान की जीत को अहमियत देते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि ईरान में अंदरुनी कलह जारी है।
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अमेरिका-ईरान के बीच आज वार्ता नहीं होगी
बता दें कि आज अमेरिका और ईरान के बीच कोई वार्ता नहीं होगी।। हालांकि ट्रंप शांति वार्ता होने की संभावना जता रहे थे, लेकिन ईरान ने बातचीत को लेकर कोई इच्छा नहीं जताई। इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में US नेवी ने माइंस बिछाने वाली ईरानी नावों के लिए शूट एट साइट के आदेश जारी किए हैं। अब तक अमेरिकी नाकाबंदी ने 31 जहाजों को लौटा दिया है। लेकिन इससे Brent तेल की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और ऊर्जा बाजार को बड़े नुकसान होने की आशंका हैं।
अमेरिका से युद्ध के बाद शांति वार्ता के बीच ईरान में फूट पड़ने की खबरें सामने आई हैं। इस वजह से अमेरिका और ईरान में इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता पर ब्रेक लग गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा टल गई है। इसकी वजह सरकार, सुप्रीम लीडरशिप और IRGC में उभरे मतभेद हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियान अमेरिकी की शर्तों पर विचार करने को कहते हैं। मोजतबा खामेनेई के करीबी धड़े में परमाणु मुद्दे और अन्य शर्तों पर मतभेद उभरे।
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ईरान की वास्तविक सत्ता को लेकर सवाल?
सरकार और सुप्रीम लीडरशिप में फूट के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनी गार्ड्स (IRGC) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सियासी गलियारों में सवाल है कि आखिरी ईरान की वास्तविक सत्ता किसके हाथ में है? ईरान के फैसले कौन ले रहा है- सरकार, सुप्रीम लीडर या IRGC… अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सवाल उठाया था कि ईरान खुद तय नहीं कर पा रहा कि उसका नेतृत्व किसके हाथ में है। हार्डलाइनर और मॉडरेट खेमों के बीच कलह पागलपन है।
गालिबाफ का शांति वार्ताकार टीम से इस्तीफा
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ के द्वारा अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता टीम से इस्तीफा दे दिया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वार्ता के संदर्भ में IRGC से गालिबाफ और अराघची के मतभेद हुए हैं। गालिबाफ अमेरिका के साथ पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता को लीड कर रहे थे। इस्लामाबाद में ट्रंप प्रशासन के साथ हो रही बातचीत के लिए उन्हें ईरान की ओर से मुख्य वार्ताकार माना जा रहा था, लेकिन अब उन्होंने टीम छोड़कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।
गालिबाफ ने खुद को मॉडरेट नहीं ईरानी कहा
गालिबाफ को अपेक्षाकृत व्यावहारिक और बातचीत के लिए खुला दृष्टिकोण रखने वाले नेता माना जाता है, जबकि IRGC से जुड़े हार्डलाइनर तत्व अमेरिका के साथ समझौते के पक्ष में कम लचीले रुख पर टिके हैं। खुद को मॉडरेट कहे जाने को लेकर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान और गालिबाफ ने कहा है कि ईरान में कोई मॉडरेट या हार्डलाइनर नहीं है, बल्कि हम सब ईरानी हैं। हम अपनी जिंदगी से ज्यादा ईरान की जीत को अहमियत देते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि ईरान में अंदरुनी कलह जारी है।
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अमेरिका-ईरान के बीच आज वार्ता नहीं होगी
बता दें कि आज अमेरिका और ईरान के बीच कोई वार्ता नहीं होगी।। हालांकि ट्रंप शांति वार्ता होने की संभावना जता रहे थे, लेकिन ईरान ने बातचीत को लेकर कोई इच्छा नहीं जताई। इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में US नेवी ने माइंस बिछाने वाली ईरानी नावों के लिए शूट एट साइट के आदेश जारी किए हैं। अब तक अमेरिकी नाकाबंदी ने 31 जहाजों को लौटा दिया है। लेकिन इससे Brent तेल की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और ऊर्जा बाजार को बड़े नुकसान होने की आशंका हैं।