अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ सीजफायर को बढ़ाने के कुछ ही घंटों बाद ही बुधवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दो जहाजों पर हमला करके जब्त कर लिया. इनमें एक जहाज भारत के गुजरात आ रहा था. बता दें, इस घटना से ईरान और भारत के बीच तनाव बढ़ सकता है. पिछले सप्ताह भी होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला किया गया था. जिसके बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब करके कड़ा विरोध जताया था.
ईरानी स्टेट टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जहाज पनामा ध्वज वाला 'एमएससी फ्रांसेस्का' और दूसरा लाइबेरिया ध्वज वाला 'एपामिनोड्स' जहाज अब IRGC की हिरासत में हैं और उन्हें ईरान ले जाया गया है. एक तीसरा जहाज ग्रीक ध्वज वाला 'यूफोरिया' भी निशाने पर था और अब वह ईरान के तट के पास फंसा हुआ है.
यह भी पढ़ें : ईरान का ‘खजाना’ सुखाने की तैयारी में ट्रंप! ‘आर्थिक नस’ दबाने के लिए अमेरिका ने चला सबसे बड़ा दांव
इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मैरीटाइम ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, 'एपामिनोड्स' गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था. यह जहाज दुबई से आ रहा था. ईरानी नेवी का कहना है कि जहाजों के पास 'जरूरी ऑथराइजेशन' नहीं था और उन्होंने 'नेविगेशन सिस्टम में हेराफेरी' की, जिससे समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई.
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की पुष्टि की है. जहाजों के चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
होर्मुज में इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने अगर नाकाबंदी नहीं हटाई तो वो बल प्रयोग किया जाएगा.
यह भी पढ़ें : पाकिस्तान के ‘मध्यस्थ’ बनने के बीच ईरान-US वार्ता पर क्यों मंडराए रद्द होने के बादल?
दो कंटेनर जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नजदीक पहुंच गईं.
बता दें, इससे पहले हाल ही अमेरिकी नौसैनिकों ने नाकेबंदी के हिस्से के रूप में ओमान की खाड़ी के पास दो ईरानी-ध्वज वाले मालवाहक जहाजों को कब्जे में ले लिया था. उसकी घटना के बदले की कार्रवाई के तौर पर इन हमलों को देखा गया है.
यह भी पढ़ें : होर्मुज स्ट्रेट में फिर महासंग्राम, अमेरिका ने जब्त किया TOUSKA ईरानी जहाज, ईरान ने भी किया ड्रोन हमला
ईरान ने इस अहम जलमार्ग में जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं. यह प्रतिबंध पहले अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में लगाए गए थे, और बाद में अमेरिकी नाकाबंदी के खिलाफ.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ सीजफायर को बढ़ाने के कुछ ही घंटों बाद ही बुधवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दो जहाजों पर हमला करके जब्त कर लिया. इनमें एक जहाज भारत के गुजरात आ रहा था. बता दें, इस घटना से ईरान और भारत के बीच तनाव बढ़ सकता है. पिछले सप्ताह भी होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला किया गया था. जिसके बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब करके कड़ा विरोध जताया था.
ईरानी स्टेट टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जहाज पनामा ध्वज वाला ‘एमएससी फ्रांसेस्का’ और दूसरा लाइबेरिया ध्वज वाला ‘एपामिनोड्स’ जहाज अब IRGC की हिरासत में हैं और उन्हें ईरान ले जाया गया है. एक तीसरा जहाज ग्रीक ध्वज वाला ‘यूफोरिया’ भी निशाने पर था और अब वह ईरान के तट के पास फंसा हुआ है.
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इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मैरीटाइम ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, ‘एपामिनोड्स’ गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था. यह जहाज दुबई से आ रहा था. ईरानी नेवी का कहना है कि जहाजों के पास ‘जरूरी ऑथराइजेशन’ नहीं था और उन्होंने ‘नेविगेशन सिस्टम में हेराफेरी’ की, जिससे समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई.
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की पुष्टि की है. जहाजों के चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
होर्मुज में इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने अगर नाकाबंदी नहीं हटाई तो वो बल प्रयोग किया जाएगा.
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दो कंटेनर जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नजदीक पहुंच गईं.
बता दें, इससे पहले हाल ही अमेरिकी नौसैनिकों ने नाकेबंदी के हिस्से के रूप में ओमान की खाड़ी के पास दो ईरानी-ध्वज वाले मालवाहक जहाजों को कब्जे में ले लिया था. उसकी घटना के बदले की कार्रवाई के तौर पर इन हमलों को देखा गया है.
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ईरान ने इस अहम जलमार्ग में जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं. यह प्रतिबंध पहले अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में लगाए गए थे, और बाद में अमेरिकी नाकाबंदी के खिलाफ.