हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

'अमेरिका-इजरायल पर बनाओ दबाव, तेहरान पर नहीं', शांति चाहने वालों को ईरान का साफ संदेश

ईरान पर हमलों से मिडिल ईस्ट में क्रूड ऑयल निर्यात बुरी तरह बाधित हो चुका है, तेल कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की कगार पर हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बरकरार है. इस बीच, आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं.

विज्ञापन
इजरायल ने राजधानी तेहरान पर कब्जा करने की कोशिश में बमबारी की।

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रयासों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट में शांति चाहने वालों को संघर्ष शुरू करने वालों (अमेरिका-इजरायल) पर दबाव बनाना चाहिए, न कि ईरान पर. एक्स पर पोस्ट में पेजेश्कियन ने कई देशों द्वारा शुरू किए गए मध्यस्थता प्रयासों को स्वीकारा, लेकिन तेहरान की स्थिति को स्पष्ट बताया. उन्होंने लिखा, ‘हम क्षेत्र में स्थायी शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अपनी गरिमा और प्रभुत्व की रक्षा में कोई संकोच नहीं करेंगे.’

‘ईरानी जनता का अपमान कर लगाई आग’

उन्होंने आगे लिखा, ‘मध्यस्थता का निशाना उन पर हो, जिन्होंने ईरानी जनता का अपमान कर आग लगाई.’ ईरान के इस बयान से स्पष्ट होता है कि फिलहाल वो अपनी सैन्य कार्रवाई को रोकने वाले किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा. पेजेश्कियन ने स्पष्ट रूप से उन देशों का नाम नहीं लिया जिन्होंने मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा, न ही संघर्ष शुरू करने वालों का जिक्र किया, लेकिन उनका इशारा अमेरिकी-इसरायली हमलों की ओर था.

यह भी पढ़ें: इंडोनेशिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, इस तारीख से लागू होगा नया नियम

विज्ञापन

28 फरवरी से जारी है खूनी संघर्ष

गौरतलब है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को जंग का ऐलान कर दिया. शुरुआती हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके जवाब में ईरान ने पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए, जिससे खाड़ी के ऊर्जा निर्यातक देश प्रभावित हुए और वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट मंडराने लगा.

यह भी पढ़ें: इजरायल की ‘ब्लू स्पैरो’ ने खामेनेई को मार डाला? जानिए कितनी ताकतवर है ये मिसाइल

विज्ञापन

इन हमलों से मिडिल ईस्ट में क्रूड ऑयल निर्यात बुरी तरह बाधित हो चुका है, तेल कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की कगार पर हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बरकरार है. इस बीच, आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola